यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार के बहुचर्चित PFI केस को सुलझाने वाले NIA के एसपी को गृह मंत्री मेडल, गत वर्ष 19 जुलाई को हुई थी घटना
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) रांची के एसपी प्रशांत आनंद को भी बेहतर अनुसंधान के लिए केंद्रीय गृह मंत्री मेडल मिला है। प्रशांत आनंद झारखंड कैडर के ही ...और पढ़ें

HighLights
- जमशेदपुर में एएसपी थे शुभांशु जैन, वर्तमान में हैं रांची के एसपी सिटी ।
- पटना के फुलवारीशरीफ में देश विरोधी षड्यंत्र का किया खुलासा।
- झारखंड कैडर के आइपीएस हैं एसपी प्रशांत आनंद।
रांची,राज्य ब्यूरो। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) रांची के एसपी प्रशांत आनंद को भी बेहतर अनुसंधान के लिए केंद्रीय गृह मंत्री मेडल मिला है। प्रशांत आनंद झारखंड कैडर के ही वर्ष 2013 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। ये एनआइए पटना के भी प्रभार में हैं। इन्हें यह मेडल बिहार के बहुचर्चित पोपुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) से संबंधित केस के बेहतर अनुसंधान के लिए मिला है।
उन्होंने पीएफआइ के नेटवर्क का बेहतर खुलासा किया। यह संगठन देश विरोधी षड्यंत्र में लिप्त था। इसके नेटवर्क के जुड़े कुख्यातों को पकड़ने से लेकर उनतक पहुंचने में प्रशांत आनंद ने बेहतर काम किया, जिसके लिए उन्हें यह मेडल मिला है। प्रशांत आनंद रांची में एएसपी हटिया के अलावा लातेहार व एटीएस झारखंड के भी एसपी रह चुके हैं। वे जहां भी रहे हैं, बेहतर पुलिसिंग के लिए जाने-जाते रहे हैं।
जमशेदपुर के तीहरे हत्याकांड को सुलझाने वाले एसपी को केंद्रीय गृह मंत्री मेडल
एसपी सिटी शुभांशु जैन व जमशेदपुर के इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिन्हा को बेहतर अनुसंधान के लिए वर्ष 2023 का केंद्रीय गृह मंत्री मेडल मिला है। यह मेडल देश के 140 अनुसंधानकों को मिला है, जिसमें झारखंड के सिर्फ इन्हीं दोनों पदाधिकारियों को मिला है। इनमें राज्य पुलिस, केंद्र शासित प्रदेश के अलावा सीबीआइ व एनआइए के अधिकारी शामिल हैं।
एसपी शुभांशु जैन को जमशेदपुर में गत वर्ष 19 जुलाई 2022 की चर्चित तीहरे हत्याकांड को सुलझाने के लिए यह मेडल मिला है। तब शुभांशु जैन जमशेदपुर में एएसपी थे। यह हत्याकांड पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर के गोलमुरी पुलिस लाइन परिसर के आवासीय फ्लैट में हुई थी। इसमें एसएसपी कार्यालय में पदस्थापित महिला सिपाही सबिता रानी हेम्ब्रम, उसकी पुत्री गीता हेम्ब्रम व उसकी मां लखीया मुर्मू की हत्या हुई थी।
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तत्कालीन एएसपी शुभांशु जैन ने बखूबी इस कांड का अनुसंधान किया और खुलासा किया कि इस हत्याकांड को महिला सिपाही के परिचित ने ही अंजाम दिया था। एएसपी शुभांशु जैन के नेतृत्व में गठित एसआइटी ने ही इस मामले का खुलासा किया था। इस हत्या में महिला का प्रेमी सिपाही राम चंद्र जामुदा गिरफ्तार हुआ था।
चार साल की बच्ची नैना की हत्या मामले का खुलासा करने के लिए इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिन्हा को मिला मेडल
जमशेदपुर के बर्मामाइंस के इंस्पेक्टर रहे प्रमोद कुमार सिन्हा ने वर्ष 2018 के चर्चित नैना हत्याकांड का खुलासा किया था। नैना चार साल की बच्ची थी, जिसकी हत्या उसके फुफेरे भाई विक्रम दास ने कर दी थी। यह घटना चार अप्रैल 2018 की है। विक्रम दास ने नैना को इसलिए मार डाला था, क्योंकि वह छेड़छाड़ के दौरान रोने लगी थी। उसे लगा कि वह पकड़ा जाएगा, इसलिए उसने उसकी हत्या कर दी थी।