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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कोर्ट से नोटिस आया है? केस लड़ने के पैसे नहीं है? घबराएं नहीं! अब झालसा देगा वकील, उठाएगा मुकदमा लड़ने का पूरा खर्च

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Fri, 17 Nov 2023 11:34 AM (IST)

    कई बार कोर्ट सेकोई नोटिस आने पर या किसी विवाद में फंस जाने पर सबसे पहले यही ख्‍याल आता है कि मदद के लिए किसके पास जाए केस लड़ने का खर्च कितना आएगा अच् ...और पढ़ें

    मुकदमा नहीं लड़ सकते तो झालसा मुहैया कराएगा मुफ्त में वकील।
    मुकदमा नहीं लड़ सकते तो झालसा मुहैया कराएगा मुफ्त में वकील।

    राज्य ब्यूरो, रांची। अगर आप किसी विवाद में फंस गए हैं या फिर कोर्ट से नोटिस मिला है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इस स्थिति में अब आपकी मदद झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) करेगी। एक ओर जहां झालसा की ओर से लोगों को मुफ्त में कानूनी सलाह दी जाती है, वहीं अब लोगों को किसी प्रकार का केस लड़ने के लिए मुफ्त में वकील भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

    झालसा की ओर से अधिवक्‍ताओं को दी गई ट्रेनिंग

    इसके लिए 24 जिलों की निचली अदालतों में 120 कानूनी एवं बचाव अधिवक्ता (एलएडीसी) की नियुक्ति की गई है। इसमें एक चीफ एलएडीसी, सहायक एलएडीसी और तीन अन्य सहयोगी शामिल हैं। हाल ही में झालसा की ओर से सभी को ट्रेनिंग भी प्रदान की गई है।

    इसके बाद सभी नियुक्त वकील निचली अदालतों में काम करने लगे हैं। निचली अदालत में उन्हें एक चैंबर भी आवंटित किया गया है। जहां पर कंप्यूटर के साथ अन्य सुविधाएं प्रदान की गई है।

    एलएडीसी सिर्फ झालसा की ओर से आवंटित केस में पक्ष रखेंगे। उन्हें इसके लिए वेतन दिया जा रहा है। दो साल के बाद झालसा की ओर से उनके कार्य की समीक्षा की जाएगी, इसके आधार पर उन्हें अवधि विस्तार दिया जाएगा।

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    हाई कोर्ट में भी मिलेगा मुफ्त वकील

    झालसा की ओर से निचली अदालत ही नहीं, बल्कि हाई कोर्ट में अधिवक्ताओं का एक पैनल बनाया गया है, जो किसी मामले में मुफ्त में पक्ष रखेंगे।

    अगर किसी पीड़ित को निचली अदालत से राहत नहीं मिलती है या किसी मामले में सजा हो जाती है तो झालसा की ओर से हाई कोर्ट में मुफ्त में अपील दाखिल की जाएगी। 

    इसका पूरा खर्च भी झालसा की ओर से दिया जाएगा। इसके बाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता को केस आवंटित किया जाएगा। पीड़ित पक्ष अधिवक्ता से अपने केस की जानकारी भी प्राप्त कर सकता है।

    जेल से मिले पांच हजार मामले

    झालसा की ओर से एलएडीसी की नियुक्ति के बाद काफी आवेदन पहुंच रहे हैं। अब तक जेल में बंद कैदियों की ओर से पांच हजार आवेदन झालसा को मिल चुके हैं। झालसा की ओर से संबंधित आवेदन निचली अदालत के एलएडीसी को भेज दिया गया है।

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    मुफ्त वकील प्राप्त करने के लिए झालसा की ओर से कुछ अर्हता निर्धारित की गई है। बच्चे, महिला, दिव्यांग और वृद्ध को पूरी तरह से मुफ्त वकील मिलेगा, चाहे वह किसी भी वर्ग का हो। इसके अलावा जिसकी सालाना आय तीन लाख रुपये हैं, उन्हें भी मुफ्त में अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा।

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