यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ind Vs Eng Ranchi Test: 'आदिवासियों की जमीन पर नहीं होने दें क्रिकेट' गुरपतवंत सिंह पन्नू ने माओवादियों से की अपील
रांची के जेएससीए स्टेडियम में 23 फरवरी से 27 फरवरी के बीच भारत व इंग्लैंड के बीच होने वाले टेस्ट मैच को रद्द कराने के लिए सिख फॉर जस्टिस ने धमकी दी। ग ...और पढ़ें

HighLights
- टेस्ट मैच रद्द कराने के लिए सिख फॉर जस्टिस ने धमकी दी
- गुरुपतवंत पन्नू ने यू-ट्यूब पर जारी किया धमकी भरा वीडियो
- 23-27 फरवरी तक JSCA में होगा Ind Vs Eng टेस्ट मैच
राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के जेएससीए स्टेडियम में 23 फरवरी से 27 फरवरी के बीच भारत व इंग्लैंड के बीच होने वाले टेस्ट मैच को रद्द कराने के लिए सिख फॉर जस्टिस ने धमकी दी है। सिख फॉर जस्टिस के गुरुपतवंत सिंह पन्नू पंजाब का रहने वाला है और वह वर्तमान में अमेरिका में रहता है। उसने यू-ट्यूब पर वीडियो के माध्यम से इस मैच को रद्द कराने के लिए भारत में प्रतिबंधित संगठन सीपीआइ माओवादियों से आह्वान किया है।
उसने यह भी आह्वान किया है कि झारखंड व पंजाब में बवंडर पैदा करो तथा भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा व इंग्लैंड टीम के कप्तान बेन स्टाक को मैच नहीं खेलने दो। उसने इंग्लैंड टीम को वापस इंग्लैंड जाने के लिए धमकाया है। इस मामले में धुर्वा थाने के दारोगा मदन कुमार महतो के बयान पर धुर्वा थाने में 19 फरवरी को कांड संख्या 69/2024 में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
उन्होंने शिकायत में लिखा है कि उनका दावा है कि गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने भारत में दहशत फैलाने के उद्देश्य तथा आदिवासियों के मन में सरकार के प्रति घृणा व अवमान पैदा करने का प्रयास किया है। उसका वीडियो यू-ट्यूब पर उपलब्ध है। उसका यह कृत्य यूएपी अधिनियम, आइटी अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है। इसी शिकायत पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
गुरुपतबंत सिंह पन्नू ने किया आह्वान
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार सिख फॉर जस्टिस के गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने माओादियों से यह भी आह्वान किया है कि आदिवासियों की जमीन में क्रिकेट नहीं होने देना है। शिकायतकर्ता दारोगा ने अपनी शिकायत में लिखा है कि दो मित्र देशों के बीच खेल संबंधों को बिगाड़ने तथा प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के माध्यम से खेल में बवंडर मचाने के लिए इंटरनेट मीउिया के माध्यम से वीडियो जारी करने के कारण क्षेत्र के लोगों में दहशत पैदा हो गया है।
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इससे सरकार के आय के स्रोत पर हमला किया गया है। इससे सरकार को आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। इससे भारत सरकार व बीसीसीआइ को भी काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब करने का प्रयास किया गया है।