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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जर्मनी से इस मामले में आगे है भारतीय रेल, वंदे भारत में बैठते ही जर्मन नागरिक ने किया खुलासा; कहा- यहां रेलवे स्‍टाफ...

    Updated: Wed, 13 Mar 2024 03:13 PM (IST)

    रांची-बनारस वंदे भारत को मंगलवार को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें कई अन्‍य यात्रियों के साथ जर्मनी के निवासी पाॅल भी सवार हुए। उन्‍हो ...और पढ़ें

    रांची-बनारस वंदे भारत को मंगलवार को दिखाई गई हरी झंडी।
    रांची-बनारस वंदे भारत को मंगलवार को दिखाई गई हरी झंडी।

    जासं, रांची। रांची से वाराणसी के लिए खुली वंदे भारत एक्सप्रेस में मंगलवार को कोडरमा से जर्मनी के निवासी पाॅल भी सवार हुए। उन्होंने कोडरमा से गया जंक्शन तक की यात्रा की। बातचीत के दौरान उन्हें बताया कि वह भारत की यात्रा पर हैं। इसी क्रम में उन्होंने वंदे भारत ट्रेन में सफर किया।

    भारत में ट्रेनों का समय से होता परिचालन: पॉल

    उन्होंने बताया कि भारत काफी तेजी से विकास कर रहा है। भारतीय रेलवे ट्रेन पंचुअलिटी में भारत जर्मनी से काफी आगे हैं। यहां ट्रेनों का परिचालन भी समय होता है। जबकि जर्मनी इस मामले में पीछे है। यहीं वजह है कि देश के कई मंडल समयबद्धता में काफी आगे हैं।

    रेल कर्मी वक्‍त के हैं पाबंद: पॉल

    उल्लेखनीय है कि रांची रेल मंडल ट्रेनों के परिचालन समयबद्धता में नंबर वन पर भी रहा है। पाल का कहना था कि उन्हें जो जानकारी है मिली है उसके अनुसार रेलकर्मी समय की प्रतिबद्धता पर विशेष ध्यान देते हैं।

    ट्रेन के विलंब होने पर यहां के रेल कर्मियों को कारण बताना पड़ता है। उनसे गहराई से पूछताछ होती है। यह रेलवे को आगे बढ़ने का सकारात्मक पहल है। वंदे भारत के बारे में बताया कि यह ट्रेन बेहतर और सुविधाजनक है। यात्रियों की हर सुविधा का ख्याल रखा जाता है।

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