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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand: आगे कुआं, पीछे खाई! पुराने मंत्रियों को ड्रॉप करना कांग्रेस के लिए नहीं होगा आसान, दिल्ली तक हो रही लॉबिंग

    Updated: Thu, 08 Feb 2024 11:45 PM (GMT+05:30)

    चंपई सोरेन कैबिनेट में फेरबदल की संभावनाओं के बीच यह तो तय माना जा रहा है कि कांग्रेस को एक बार फिर चार मंत्रीपद मिलेंगे लेकिन पार्टी स्तर से यह बात फ ...और पढ़ें

    पुराने मंत्रियों को ड्रॉप करना कांग्रेस के लिए नहीं होगा आसान।
    पुराने मंत्रियों को ड्रॉप करना कांग्रेस के लिए नहीं होगा आसान।

    HighLights

    1. एक या दो मंत्रियों को नई टीम में मौका नहीं मिलने की संभावना मात्र से सक्रिय हुए कई विधायक।
    2. झारखंड से दिल्ली तक लाबिंग कर रहे नेता, बैठकों में बदलाव को लेकर संदेश दे गए प्रदेश प्रभारी।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कैबिनेट में फेरबदल की संभावनाओं के बीच यह तो तय माना जा रहा है कि कांग्रेस को एक बार फिर चार मंत्रीपद मिलेंगे। हालांकि पार्टी स्तर से ही यह बात फैल रही है कि एक से दो मंत्री के चेहरे बदले जा सकते हैं। इस संभावना मात्र से कांग्रेस के कई नेता सक्रिय हो गए है।

    कुछ नेताओं के नाम अभी से चर्चा में आ गया है। प्रदीप यादव, दीपिका पांडेय सिंह, अनूप सिंह आदि के नाम अग्रणी पंक्ति में हैं। यह तो तभी होगा जब कुछ नेताओं को कैबिनेट से हटाने का निर्णय ले लिया जाए। यह निर्णय इतना आसान भी नहीं है।

    पहले से ही अंदरखाने विरोध झेल रही पार्टी

    पहले से ही कई प्रकार का विरोध झेल रही पार्टी में मंत्रियों के हटने से समस्याएं और भी बढ़ सकती हैं। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले ऐसा कोई रिस्क पार्टी नहीं लेना चाहेगी। दूसरी ओर, यह बातें भी कही जा रही हैं कि पार्टी उन नेताओं को ही कैबिनेट से हटाएगी जिन्हें अगले चुनाव में बेटिकट करने की मंशा है।

    इस बीच, लंबे समय से इस कवायद में जुटे कई नेता दिल्ली रवाना हो गए हैं। कुछ नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व को अपने क्षेत्र में जाने की बात कही है लेकिन वे किसी ना किसी माध्यम से नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। ऐसे नेताओं पर प्रदेश नेतृत्च भी नजर रखे हुए है।

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    इस दिन झारखंड आ रही न्याय यात्रा

    कांग्रेस के लिए मंत्रियों को हटाने का निर्णय इतना सहज भी नहीं होगा। राहुल गांधी की न्याय यात्रा 14 फरवरी को पलामू के रास्ते प्रवेश कर रही है। इस यात्रा के गुजरने से पहले किसी प्रकार का जोखिम प्रदेश नेतृत्व नहीं उठाना चाहता है।

    यही कारण है कि मंत्रिमंडल के शपथग्रहण कार्यक्रम को एक सप्ताह के लिए टाल दिया गया है। पूर्व में यह गुरुवार को ही आयोजित होना था लेकिन, अब 16 फरवरी को मंत्रिमंडल का विस्तार संभावित है।

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