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    झारखंड में सूखे की आशंका पर जयराम महतो ने सीएम को लिखा पत्र, 100 वर्षों में कम बरसात वाला यह 5वां जून

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 11:41 AM (IST)

    डुमरी विधायक जयराम महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर कमजोर मानसून से संभावित सूखे पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने खेती, जल स्रोतों और ग्रा ...और पढ़ें

    सूखे की आशंका पर जयराम महतो ने सीएम को लिखा पत्र, मजबूत कृषि नीति की मांग। (फाइल फोटो)

    सूखे की आशंका पर जयराम महतो ने सीएम को लिखा पत्र, मजबूत कृषि नीति की मांग। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. जयराम महतो ने मुख्यमंत्री को सूखे की संभावना पर पत्र लिखा।

    2. कमजोर मानसून से खेती और ग्रामीण आजीविका पर असर की चिंता।

    3. मजबूत कृषि नीति और व्यापक कार्ययोजना की आवश्यकता पर जोर।

    राज्य ब्यूरो, रांची। डुमरी विधायक व जेकेएलएम सुप्रीमजयराम महतो ने सुखाड़ होने की संभावना पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। जिसमें कहा है कि राज्य में इस वर्ष कमजोर मानसून चिंता बढ़ा रहा है। इसका सीधा असर खेती-किसानी, जल स्रोतों और ग्रामीण आजीविका पर पड़ेगा।

    राज्य सरकार को मजबूत कृषि नीति के साथ काम करना होगा। राज्य में कृषि काफी हद तक मौसमी बारिश पर निर्भर है। इस वर्ष देश में पिछले सौ वर्षों में सबसे कम बरसात वाला यह पांचवां जून था। झारखंड के सिंचाई योग्य भूमि में आधे से अधिक में सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है, ये एक दुर्भाग्य है।

    ऐसे प्रदेश में कम बारिश का असर का उत्पादन पर पड़ेगा और इसके भयावह दुष्परिणाम बेरोजगारी और आजीविका संकट पर आएंगे। इस साल मानसून की कमी और अनिश्चितता का सीधा और स्पष्ट असर खरीफ फसलों की बुवाई पर साफ दिखाई दे रहा है।

    सबसे ज्यादा ध्यान सीधे तौर पर कृषि और ग्रामीण गैर-खेतिहर मजदूरों पर देने की जरूरत है। किसानों की आय और मजदूरों की मजदूरी में कोई बढ़ोतरी ना होने के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर में आ जाएगी। सरकार को गरीबों के खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा।

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    सुखाड़ अब एक गंभीर चुनौती के रूप में सामने दिखाई दे रही है। इसलिए सरकार को केवल राहत की नहीं, बल्कि मजबूत कृषि नीति, सिंचाई विस्तार, जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को केंद्र में रखकर व्यापक कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ना होगा। यही समय की मांग है।