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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand News: धनबाद DC की रिपोर्ट मिलते ही 6 दागी अफसरों के खिलाफ एक्शन, हेमंत सरकार ने लिया बड़ा फैसला

    Updated: Tue, 25 Mar 2025 07:25 PM (IST)

    झारखंड विधानसभा में धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा ने 100 करोड़ से अधिक के राजस्व हानि के आरोपों की जांच के बावजूद जमशेदपुर हजारीबाग और चाईबासा में ...और पढ़ें

    झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन। फाइल फ़ोटो
    झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन। फाइल फ़ोटो

    HighLights

    1. धनबाद के उपायुक्त से रिपोर्ट तलब, 15 दिनों में कार्रवाई की घोषणा
    2. मंत्री ने कहा, भ्रष्टाचार पर हेमंत सरकार की जीरो टॉललेंस नीति

    राज्य ब्यूरो, रांची। 100 करोड़ से अधिक के राजस्व हानि के आरोप की जांच गठित होने के बावजूद जमशेदपुर, हजारीबाग और चाईबासा में तैनात निबंधन सेवा के छह पदाधिकारियों को निलंबित करने की मांग धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से उठाई।

    मंत्री रामदास सोरेन ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने धनबाद के उपायुक्त से इस संदर्भ में बात की है। इस मामले में 15 दिनों में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट आते ही सरकार कठोरतम कार्रवाई करेगी।

    नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से तत्काल कार्रवाई की मांग पर संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बोला कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टीलरेंस नीति पर काम कर रही है। उपायुक्तों की रिपोर्ट मिलने के तत्काल बाद सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

    विधायक राज सिन्हा ने 12 जुलाई 2023 के धनबाद उपायुक्त के पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि संतोष कुमार, जिला अवर निबंधक और श्वेता कुमारी, सहायक निबंधन महानिरीक्षक एवं सुजीत कुमार, तत्कालीन अवर निबंधक, धनबाद सह तत्कालीन जिला अवर निबंधक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही हुई।

    इसके अलावा, हिनू सहित अशोक कुमार सिन्हा, जिला अवर निबंधक, चाईबासा, राम कुमार मधेशिया, अवर निबंधक, जमशेदपुर एवं राजेश एक्का, जिला अवर निबंधक, हजारीबाग के खिलाफ विभागीय कार्यवाही हुई।

    लगभग 100 करोड़ से अधिक के राजस्व की हानि हुई

    • कई अन्य निबंधन सेवा के पदाधिकारियों के विरूद्ध गंभीर आरोप गठित होने के बावजूद सरकार ने उक्त पदाधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की। सभी महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थापित होकर काम कर रहे हैं।
    • इन पदाधिकारियों से सरकार को लगभग 100 करोड़ से अधिक के राजस्व की हानि हुई है। यह उच्चस्तरीय जांच का विषय है। इन पदाधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए।

    वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का विरोध किया इरफान अंसारी ने

    वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पर राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डा. इरफान अंसारी ने घोर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे जानबूझकर थोपा गया निर्णय बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस विधेयक के माध्यम से वक्फ बोर्ड की शक्तियों को सीमित करने का षड्यंत्र कर रही है, जो स्वीकार्य नहीं है।

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    विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि वक्फ अधिनियम में 40 संशोधनों का प्रस्ताव पारित किया गया है, जिससे वक्फ बोर्ड की अनियंत्रित शक्तियां कम हो जाएंगी। अब बोर्ड किसी भी संपत्ति पर बिना सत्यापन आधिपत्य घोषित नहीं कर सकेगा।

    यह समुदाय के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास है, जिसका वे घोर विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी भावनाओं से उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य को अवगत करा दिया है। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र चलने के कारण वे पटना में हो रही बैठक में भाग नहीं ले पा रहे हैं।

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