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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Budget News: अगले वर्ष का बजट तैयार करने में जुटी हेमंत सरकार, विभागों को दिशा-निर्देश जारी

    By Neeraj AmbasthaEdited By: Prateek Jain
    Updated: Sun, 22 Oct 2023 07:36 PM (IST)

    Jharkhand Budget 2024 Preparation राज्य सरकार अगले वित्तीय वर्ष (वर्ष 2024-25) के बजट की तैयारी में जुट गई है। वित्त विभाग ने आगामी बजट प्रस्ताव तैयार ...और पढ़ें

    Jharkhand Budget News: अगले वर्ष का बजट तैयार करने में जुटी हेमंत सरकार, विभागों को दिशा-निर्देश जारी
    Jharkhand Budget News: अगले वर्ष का बजट तैयार करने में जुटी हेमंत सरकार, विभागों को दिशा-निर्देश जारी

    HighLights

    1. आगामी बजट में निर्माण कार्यों से अधिक जन कल्याण पर होगा फोकस
    2. सरकार के दायित्व, एसडीजी गोल तथा पिछड़े क्षेत्रों का विकास प्राथमिकता में

    राज्य ब्यूरो, रांची। Hemant Soren: राज्य सरकार अगले वित्तीय वर्ष (वर्ष 2024-25) के बजट की तैयारी में जुट गई है। वित्त विभाग ने आगामी बजट प्रस्ताव तैयार करने को लेकर सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

    साथ ही सरकार की प्राथमिकताएं तय कर दी हैं, जिसके आधार पर ही बजट प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। साथ ही विभागों से प्रस्ताव मिलने की समय सीमा भी तय कर दी गई है।

    चूंकि अगले वर्ष का बजट चुनावी बजट भी होगा, इसलिए बजट में जन कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर अधिक फाेकस किया जाएगा।

    वित्त विभाग ने अपने दिशा-निर्देश में सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए राज्य के सतत एवं समावेशी विकास के लिए बजट तैयार करने को कहा है। साथ ही बजट प्रस्ताव के गठन में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखे जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

    वित्त विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि विगत वर्षों में शुरू की गई योजनाओं के लक्ष्यों को हासिल करने हेतु न केवल सम्यक प्रयास किए जाएं, बल्कि इस तथ्य का ध्यान रखा जाना आवश्यक है, जिन योजनाओं ने अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया है, उनके स्थान पर वर्तमान समय में प्रासंगिक योजनाएं प्रस्तावित की जाएं, जिनसे अधिकतम जनकल्याण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।

    बजट प्रस्ताव गठित करते समय मितव्ययिता के सिद्धांत को भी ध्यान में रखने को कहा गया है। वित्त विभाग ने बजट प्रस्ताव तैयार करने में सरकार के दायित्व, एसडीजी गोल तथा पिछड़े क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखने को कहा है। 

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    आवश्यकता का आकलन कर ही भवन निर्माण की लें योजना

    वित्त विभाग ने कहा है कि ऐसा देखा गया है कि विगत वर्षों में विभागों द्वारा बड़े पैमाने पर भवनों का निर्माण कराया गया है, लेकिन इन भवनों का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है।

    इसलिए नए भवनों के निर्माण के लिए राशि का प्रविधान करवाने से पूर्व आवश्यकता का सही-सही आकलन कर लिया जाय तथा भवन निर्माण हेतु यथासंभव कम से कम राशि की मांग की जाए। भवन निर्माण के मद में राशि की बचत होने की स्थिति में जनकल्याण की नई योजनाओं के लिए राशि उपबंधित की जाए।

    केंद्र-राज्य की योजनाओं में न हो दोहराव

    वित्त विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है केंद्र व राज्य की योजनाओं में दोहराव न हो। विभागों को राज्य की सभी चालू योजनाओं की समीक्षा करने को कहा है।

    यह भी कहा है कि उन योजनाओं के लिए यथासंभव राशि उपबंधित नहीं की जाए, जिनके उद्देश्यों की पूर्ति हेतु केंद्रीय योजनाओं में राशि निर्धारित की जाती है या कराई जा सकती है।

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