यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Cabinet Meeting: सरकारी कर्मियों का DA बढ़ा, 23 प्रस्तावों को मंजूरी; बिन बिजली वाले टोलों के लिए खुशखबरी
Jharkhand Cabinet Meeting Decision राज्य सरकार ने उन टोलों के लोगों के लिए दीपावली का तोहफा दिया है जहां अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। इन टोलों में बिज ...और पढ़ें

HighLights
- 9322 टोलों में 1,485 करोड़ से बिजली पहुंचाएगी सरकार
- राज्य में पूर्ण विद्युतीकरण के लिए शुरू होगी मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना
- राज्य कर्मियों व पेंशनरों के महंगाई भत्ता में चार प्रतिशत की वृद्धि
- आपस में जुड़ेगा रांची के कांटाटोली तथा सीरमटोली फ्लाई ओवर
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य सरकार ने उन टोलों के लोगों के लिए दीपावली का तोहफा दिया है, जहां अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। इन टोलों में बिजली पहुंचाने के लिए नई योजना 'मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना' शुरू होगी।
राज्य मंत्रिपरिषद की शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन में हुई बैठक में इस योजना की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना से राज्य के 9,322 टोलों में बिजली पहुंचाई जाएगी। इनमें 1,525 टोले शहरी क्षेत्रों के हैं, जबकि शेष ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। इसपर 1485.30 करोड़ रुपये की कुल लागत आएगी।
राज्य सरकार ने सभी उपायुक्तों को सूचित किया था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भ्रमण के दौरान जानकारी मिली है कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के कई इलाके तक बिजली नहीं पपहुंच पाई है। सभी जिलों से इस संबंध में सूची मांगी गई थी। इसी आधार पर परियोजना का पूरा प्रस्ताव तैयार किया गया।
इसमें 1966 टोले 10 से अधिक घर और 851 टोले दस घर से कम वाले हैं। आंशिक तौर पर विद्युतीकृत टोले की संख्या 4980 है। शहरी क्षेत्र में ऐसे 1525 स्थान हैं। इस योजना को पूर्व में अनुश्रवण समिति की बैठक में स्वीकृति मिली थी।
इस योजना की पूरी राशि राज्य सरकार देगी। आरडीडीएस स्कीम के तहत राज्य सरकार 172.40 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से हासिल करने का प्रयास करेगी।
एक अन्य महत्वूर्ण फैसले में राज्य सरकार ने सरकारी कर्मियों तथा पेंशनरों के महंगाई भत्ता में भी चार प्रतिशत की वृद्धि कर उन्हें दीपावली का तोहफा दिया है। इन्हें अब 42 प्रतिशत की जगह 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।
बैठक में रांची के कांटाटोली तथा सीरमटोली फ्लाई ओवर को जोड़ने की योजना के तहत 213.35 करोड़ के प्राक्कलन पर भी स्वीकृति प्रदान की गई। दोनों फ्लाई ओवर को जोड़ने के लिए भूअर्जन, विस्थापन एवं पुनर्वास और यूटिलिटी शिफ्टिंग समेत और कार्यों के लिए यह प्राकलन तैयार किया गया है।
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दोनों फ्लाईओवर को जोड़ने के लिए बहुबाजार के योगदा सत्संग से सीरमटोली के पटेल चौक तक कुल 1.25 किमी फ्लाई ओवर का निर्माण कराया जाएगा। दोनों फ्लाईओवर के जोड़ने से एजी कालोनी, डोरंडा से ऊपर चढ़कर सीधे कांटाटोली में उतर सकेंगे। इसी तरह कांटाटोली में चढ़कर सीधे एजी मोड़ में उतर सकेंगे।
15 युवाओं को निशुल्क कमर्शियल पायलट का मिलेगा प्रशिक्षण
राज्य सरकार दुमका हवाई अड्डा पर 30 छात्र-छात्राओं को कामर्शियल पायलट का प्रशिक्षण दिलाएगी। इनमें से 15 को शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप पर निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पर प्रति वर्ष 9.10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रशिक्षण के लिए छात्र-छात्राओं का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर होगा।
प्रशिक्षण के लिए आवश्यक योग्यता न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक के साथ विज्ञान में 12वीं उत्तीर्ण होना निर्धारित की गई है। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी को पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। निशुल्क प्रशिक्षण के लिए 15 छात्र-छात्राओं का चयन मेधा सूची के आधार पर होगा।
इसमें राज्य सरकार द्वारा तय आरक्षण लागू होगा। प्रशिक्षण दो टर्म में होगा। पहले टर्म में प्रशिक्षण दुमका में दी जाएगी, जबकि एयरबस का प्रशिक्षण गुड़गांव या नोएडा में दिया जाएगा।
गोलाई व घाघरी वीयर योजना का होगा पुनरुद्धार
कैबिनेट की बैठक में चतरा के हंटरगंज में गोलाई वीयर योजना तथा लातेहार के चंदवा में घाघरी वीयर योजना के पुनरुद्धार की की भी स्वीकृति प्रदान की गई। दोनों योजनाओं के क्रमशः 35.75 करोड़ तथा 42.34 करोड़ के प्राक्कलन को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
अब औद्याेगिक घरानों को संचालन के लिए मिल सकेंगे अधिकतम तीन आईटीआई
राज्य के सरकारी आईटीआई को पीपीपी मोड पर संचालित करने के लिए अधिकतम तीन आईटीआई औद्योगिक घरानों को मिल सकेंगे। पहले इसकी अधिकतम संख्या दो निर्धारित थी।
साथ ही संचालन की जिम्मेदारी 10 वर्ष तक देने के बाद पांच वर्ष के लिए अवधि विस्तार भी मिल सकेगा। राज्य सरकार ने इसे लेकर शर्तों में संशोधन किया है।
वरीय न्यायिक सेवा के तहत 13 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की स्वीकृति
झारखंड वरीय न्यायिक सेवा के तहत 13 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की स्वीकृति प्रदान की गई। इनकी नियुक्ति झारखंड उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर हुई है। जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति की स्वीकृति मिली उनमें नमिता चंद्रा, श्वेता ढिंगरा, पारस कुमार सिन्हा, कुमार साकेत, विश्वनाथ त्रिपाठी, भूपेश कुमार, आयशा खान, भानु प्रताप सिंह, नीति कुमार, प्राची मिश्रा, पवन कुमार, राजेश कुमार बग्गा तथा नरंजन सिंह सम्मिलिति हैं।