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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand News: हेमंत के मंत्री चंपाई सोरेन को आया गुस्सा, परिवहन विभाग की सभी फाइलें 'जब्त'

    By Jagran NewsEdited By: M Ekhlaque
    Updated: Fri, 28 Oct 2022 01:15 PM (GMT+05:30)

    Jharkhand Latest News झारखंड सरकार के परिवहन विभाग के वरीय अधिकारी और परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन के बीच विवाद हो गया है। अधिकारी ने नागालैंड में निबंधि ...और पढ़ें

    Hemant Soren News: झारखंड के परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।
    Hemant Soren News: झारखंड के परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।

    रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Transport Minister Champai Soren झारखंड सरकार के परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन को परिवहन आयुक्त राजेश शर्मा द्वारा नीतिगत मामलों पर स्वतः निर्णय लेना रास नहीं आया। कहा जा रहा कि गुस्से में आकर मंत्री जी ने परिवहन विभाग से सभी फाइलें अपने पास मंगवा ली हैं। मंत्री के तौर पर राज्य परिवहन आयुक्त को उन्होंने सिर्फ दैनिक कार्य निपटाने का निर्देश दिया है। यही नहीं नीतिगत एवं वित्तीय मामलों से संबंधित फाइलें परिवहन मंत्री तक भेजने का निर्देश दिया है।

    नागालैंड में निबंधित वाहनों पर कार्रवाई का दिया गया था निर्देश

    ज्ञात हो कि ट्रांसपोर्ट एक्ट के तहत कार्रवाई का अधिकार परिवहन आयुक्त को है। इसी आधार पर उन्होंने पिछले दिनों नागालैंड में निबंधित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश अधिकारियों को दिया था। नागालैंड में निबंधन करा कर सैकड़ों की संख्या में वाहन झारखंड में खनिजों की ढुलाई में लगे हुए हैं। इन वाहनों के खिलाफ पिछले दिनों परिवहन आयुक्त ने कार्रवाई करने का निर्देश जारी कर दिया था। मंत्री चंपाई सोरेन का यह कार्रवाई पसंद नहीं आई। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने सभी फाइलें अपने पास मंगा ली हैं। परिवहन मंत्री की इस कार्रवाई से विभाग में सामान्य कार्य भी प्रभावित होने की संभावना दिख रही है।

    परिवहन मंत्री के इस कार्रवाई से विभाग में बढ़ सकता है विवाद

    झारखंड के परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन ने 18 अक्टूबर को बफ शीट जारी कर परिवहन आयुक्त को निर्देश दिया है कि वह वित्तीय और नीतिगत मामलों में मंत्री से फाइल दिखा कर ही कोई निर्णय लें। मंत्री का यह निर्देश झारखंड कार्यपालिका नियमावली में हस्तक्षेप भी माना जा रहा है, क्योंकि इस नियमावली के तहत अधिकारियों को कई मामलों में सीधे निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। इस निर्णय से विभाग में विवाद बढ़ने की संभावना भी है। ज्ञात हो कि वर्तमान में परिवहन सचिव राजेश शर्मा के पास ही परिवहन आयुक्त का भी प्रभार हैं।