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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    '2022 में भी यही जवाब मिला', हेमंत के विधायक ने अपनी ही सरकार से पूछ दिया ऐसा सवाल; जिसको लेकर मच गया बवाल

    Updated: Tue, 18 Mar 2025 08:34 PM (IST)

    Jharkhand Politics In Hindi झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की सरक ...और पढ़ें

    विधानसभा में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन। फ़ोटो- जागरण
    विधानसभा में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन। फ़ोटो- जागरण

    HighLights

    1. विपक्ष को जिम्मेदारी से कराया अवगत, वे भी करें अपने स्तर से पहल
    2. एआइसीटीसी से मिल रही मान्यता में देरी पर मुख्यमंत्री का सुझाव

    राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री हेमतं सोरेन ने मंगलवार को विधानसभा की पहली पाली में ध्यानाकर्षण सूचनाओं पर जवाब के क्रम में विपक्ष को उसकी जिम्मेदारी से अवगत कराते हुए सुझाव दिया कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और राज्य में आइएनडीआए गठबंधन की सरकार है।

    इनके ऊपर (भाजपा) भी बहुत जवाबदेही है कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य बेहतर बने। भारत सरकार राज्य में इंजीनियरिंग संस्थानों को मान्यता प्रदान करे।

    उन्होंने मंत्री सुदिव्य कुमार को निर्देशित किया कि अबतक इस संबंध में भारत सरकार से किए गए पत्राचार से विपक्ष को भी उपलब्ध कराएं। वे भी अपनी तरफ से पहल करेंगे।

    दरअसल झामुमो विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने पोलिटेक्निक संस्थानों की मान्यता में हो रही देरी से संबंधित ध्यानाकर्षण पर सरकार से जवाब मांगा था।

    उन्होंने कहा कि जो जवाब उन्हें दिया गया है, वही जवाब वर्ष 2022 में दिया गया था। मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि लगातार इस संबंध में एआइसीटीसी से आग्रह किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि हम पठन-पाठन करना चाहते हैं। वे अबतक एआइसीटीसी से किए गए पत्राचार एवं छाया संचिका नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को प्रेषित कर देंगे।

    उन्होंने सुझाव दिया कि विधायक अपने क्षेत्र के सांसद के साथ भी एआइसीटीसी के दफ्तर जाएं। उधर बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सुझाव पर कहा कि एआइसीटीसी स्वतंत्र संस्था है।

    2022 से ऐसा चल रहा है तो उन्हें नहीं लगता कि गंभीरता से प्रयास हुआ है। राज्य में सभी जगह पोलिटेक्निक संस्थान प्रभार में चल रहे हैं। राज्य सरकार को इसे टालने की बजाय गंभीरता से काम करना चाहिए।

    बोले सीएम-सरहुल बढ़िया से मनेगा

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरहुल मनेगा और बढ़िया से मनेगा। दरअसल रांची के भाजपा विधायक सीपी सिंह ने सदन को सूचित किया कि रांची के सिरमटोली में फ्लाइओवर के रैंप को लेकर सरना संगठनों ने सबका पुतला फूंका है। सरहुल आने वाला है। सीएम इसका पटाक्षेप करें ताकि सभी खुशी से सरहुल मना सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरहुल मनेगा और बढ़िया से मनेगा।

    कुरमाली को किया जाए कुड़माली

    • डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो ने भाषा की वर्तनी का सवाल उठाते हुए आग्रह किया कि कुरमाली भाषा को कुड़माली कहा जाए। वर्तनी में सुधार किया जाना चाहिए।
    • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके सुझाव पर हामी भरते हुए कहा कि भाषा और बोलचाल में जो सही है, उसपर कोई आपत्ति नहीं है। बात संज्ञान में आई है। आकलन कराकर सुधार होना चाहिए।

    सरकार बनाएगी विस्थापन आयोग

    ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से बड़कागांव के भाजपा विधायक रोशनलाल चौधरी ने पीटीपीएस के विस्थापितों का मामला उठाया।

    उन्होंने कहा कि विस्थापितों के साथ वार्ता की पहल की जाए। हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार हरियाणा की तर्ज पर राज्य की जमीन अधिग्रहण नीति बनाए।

    अभी जमीन का न्यूनतम रेट लग रहा है। मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि सरकार विस्थापन आयोग बनाएगी। इसका नीतिगत निर्णय पूर्व में ही हो चुका है।

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