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    जमशेदपुर से सिमडेगा तक झारखंड कांग्रेस में फिर सक्रिय हुए बागी, पार्टी नेतृत्व पर उठे सवाल

    Updated: Tue, 10 Feb 2026 02:15 PM (IST)

    झारखंड कांग्रेस में निकाय चुनाव को लेकर आंतरिक कलह बढ़ गई है। सिमडेगा में बिना कमिटी बैठक उम्मीदवार चुनने पर पूर्व अध्यक्ष पुष्पा कुल्लू को निष्कासित ...और पढ़ें

    बागियों पर कांग्रेस नेतृत्व का कोई नियंत्रण नहीं।

    बागियों पर कांग्रेस नेतृत्व का कोई नियंत्रण नहीं।

    HighLights

    1. सिमडेगा में बिना बैठक उम्मीदवार चुनने पर निष्कासन।

    2. लोहरदगा में एक पद पर कई कांग्रेसी उम्मीदवार।

    3. जमशेदपुर में जेबा खान को बागी मानकर पार्टी से निकाला।

    आशीष झा, रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर बागी सक्रिय हो रहे हैं। इस बार इनकी सक्रियता के पीछे पार्टी नेतृत्व का ही हाथ है। निकाय चुनाव को लेकर नामांकन वापस नहीं लेनेवाले आधा दर्जन पार्टी पदाधिकारियों को निष्कासित किया गया है।

    निष्कासन का तरीका सीनियर नेताओं को ही कठघरे में खड़ा करता है। हालात धीरे-धीरे विस्फोटक होते जा रहे हैं।

    चाईबासा की घटना एक नजीर पेश करती है जहां एक नेता को निकालने का विरोध करते हुए पूरी कमेटी ने इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस अभी भी नहीं संभली तो आगे और नुकसान होगा।

    चाईबासा में तो नगर कमेटी के तमाम सीनियर्स ने इस्तीफा देकर पार्टी को चुनौती दे दी है। बड़ी बात यह है कि पार्टी किसी को मनाने की कोशिश करने नहीं जा रही है।

    बगावत तेज, सुनवाई कोई नहीं 

    नगर उपाध्यक्ष, महासचिव और कई वार्ड अध्यक्षों सहित दर्जनों सक्रिय कार्यकर्ताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी नेतृत्व द्वारा चाईबासा नगर अध्यक्ष मो. सलीम और विजय सिंह को निलंबित करने के विरोध स्वरूप यह कदम उठाया गया है।

    सिमडेगा में विधायक सह जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा ने वहां के स्थानीय निकाय में अध्यक्ष रह चुकीं पुष्पा कुल्लू को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

    उन पर स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता एवं पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।

    आरोप लगाया जा रहा है कि जिला अध्यक्ष ने पालिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक किए बगैर उम्मीदवार का चयन कर लिया जिसका पुष्पा विरोध कर रही थीं।

    लोहरदगा की कहानी और रोचक है। यहां यूथ कांग्रेस के महासचिव विशाल डुंगडुंग को अधिकृत उम्मीदवार नहीं बताते हुए जिला कमेटी ने निष्कासित कर दिया।

    इस निर्णय पर प्रदेश में यूथ कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई और विशाल का निष्कासन वापस हो गया। अब वहां निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए तीन-तीन कांग्रेसी अधिकृत उम्मीदवार होने का दावा कर रहे हैं।

    जमशेदपुर में आपस में लड़ रहे

    जमशेदपुर का भी हाल देख लीजिए। राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में लगातार दिखने वाली जेबा खान को पार्टी दे निष्कासित कर दिया है। जेबा का दोष यह है कि वह पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।

    सुधा अधिकृत उम्मीदवार हैं जबकि जेबा को बागी मान लिया गया है। शाइस्ता परवीन उर्फ जेबा खान अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय समन्वयक हैं।

    इस लिहाज से जिला कांग्रेस द्वारा की गई कार्रवाई भी गलत मानी जा रही है। इस प्रकार के तमाम गलत कार्रवाइयों के कारण अब प्रदेश कांग्रेस एवं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।

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