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    JTET परीक्षा में भाषा को लेकर कांग्रेस में घमासान, पार्टी अध्यक्ष ने मंत्री राधाकृष्ण किशोर से पूछे तीखे सवाल

    Updated: Thu, 14 May 2026 12:14 AM (IST)

    झारखंड कांग्रेस में JTET परीक्षा में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को लेकर आंतरिक कलह तेज हो गई है। मंत्री राधाकृष्ण किशोर और प्रदेश अध्यक्ष केशव महत ...और पढ़ें

    कांग्रेस अध्यक्ष कमलेश महतो और मंत्री राधाकृष्ण। फाइल फोटो

    कांग्रेस अध्यक्ष कमलेश महतो और मंत्री राधाकृष्ण। फाइल फोटो

    HighLights

    1. JTET परीक्षा में भाषाओं को लेकर कांग्रेस में विवाद।

    2. मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रदेश अध्यक्ष को घेरा।

    3. सुखदेव भगत ने अध्यक्ष को आदिवासी विरोधी बताया।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता जा रहा है। जेटेट परीक्षा में इन भाषाओं को शामिल किए जाने के मुद्दे पर पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

    मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा सार्वजनिक रूप से पार्टी का स्पष्ट रुख पूछे जाने के बाद भी प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने चुप्पी तोड़ी है। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि मंत्री अब क्यों पार्टी का रुख पूछ रहे हैं? उन्हें यह बताना चाहिए कि पूर्व में हुई कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों ने किससे पूछकर भाषा को लेकर सवाल उठाए थे।

    उल्लेखनीय है कि मंत्री राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय सिंह इसे लेकर मुखर हैं। राधाकृष्ण किशोर ने नवगठित प्रदेश कांग्रेस कमेटी पर भी आपत्ति जताते हुए प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग उठाई है।

    उन्होंने नवगठित कमेटी में शामिल अपने पुत्र प्रशांत किशोर का इस्तीफा भी प्रदेश नेतृत्व को पूर्व में ही प्रेषित कर दिया है। भाषाओं के मुद्दे पर आने वाले दिनों में पार्टी के रुख पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

    बातों को घुमाएं नहीं, हां या ना बोलें प्रदेश अध्यक्ष - राधाकृष्ण किशोर

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की प्रतिक्रिया पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट कहा है कि वे बातों को घुमाने की कोशिश नहीं करें। हां या ना में जवाब दें। जब कैबिनेट में इससे संबंधित बात उठी थी, तब कमेटी नहीं बनी थी।

    अब इसपर कमेटी बन गई है तो पार्टी का रुख पूछना जरुरी है। कैबिनेट में बतौर मंत्री उन्होंने बातें रखी थी। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश अध्यक्ष का स्टैंड क्लीयर है तो बताएं। वे नहीं रुख स्पष्ट करेंगे तो हम निर्णय करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष बहलाने की फिराक में हैं। उन्होंने खुलकर और स्पष्ट तरीके से अपनी बातों को रखना चाहिए।

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    लगातार निशाने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी निशाने पर हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने विवाद को और हवा दे दी है।

    उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए उन्हें आदिवासी विरोधी तक करार दे दिया। उनकी आपत्ति परिसीमन कमेटी में एक भी आदिवासी नेता को स्थान नहीं दिए जाने को लेकर है।