यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Chunav Result 2024: सिंहभूम लोकसभा सीट पर गीता और जोबा आमने-सामने, जनता की उम्मीदों पर कौन उतरेगा खरा
Singhbhoom Lok Sabha Chunav Result 2024 झारखंड की लोकसभा सीट पर दो महिला प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर है। एक तरफ भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री मध ...और पढ़ें

HighLights
- 1957 में दूसरे लोकसभा निर्वाचन के दौरान अस्तित्व में आया सिंहभूम संसदीय क्षेत्र
- 2024 में चुनाव से पहले पश्चिम सिंहभूम जिले की सांसद गीता कोड़ा भाजपा में हुईं शामिल
डिजिटल डेस्क, सिंहभूम। Lok Sabha Chunav Result 2024 देश की राजनीति के लिए 4 जून का दिन बेहद अहम है क्योंकि इसी दिन 18वीं लोकसभा चुनाव का परिणाम आने वाला है। इसमें झारखंड की 14 सीटें भी शामिल हैं और उसमें से एक सिंहभूम भी है। इस सीट से भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा पर दांव खेला है वहीं, झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) ने जोबा माझी को सियासी पिच पर उतारा है। इस सीट पर 14 प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
सिंहभूम में 2024 का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के नाम
- गीता कोड़ा, भारतीय जनता पार्टी
- जोबा माझी, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा
- परदेशी लाल मुण्डा, बहुजन समाज पार्टी
- कृष्णा मारडी, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (उलगुलान)
- चित्रसेन सिंकु, झारखण्ड पार्टी
- पानमनि सिंह, सोशलिस्ट युनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कॉम्युनिस्ट)
- बीर सिंह देवगम, राइट टु रिकॉल पार्टी
- विश्व विजय मारडी, आंबेडकराईट पार्टी ऑफ इंडिया
- सुधा रानी बेसरा, पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक)
- आशा कुमारी रूण्डा, निर्दलीय
- दामोदर सिंह हांसदा, निर्दलीय
- दुर्गा लाल मुर्मू, निर्दलीय
- माधव चन्द्र कुंकल, निर्दलीय
- संग्राम मार्डी, निर्दलीय
सिंहभूम लोकसभा सीट का इतिहास
झारखंड की सबसे चर्चित सीटों में से एक है सिंहभूम, जो पश्चिम सिंहभूम, सराईकेला और खरसावन जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर गठित किया गया है।
झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में से यह भी एक रहा है। 1952 में देश के लिए हुए पहले लोकसभा चुनावों में इस सीट का गठन नहीं हुआ था।
1957 में दूसरे लोकसभा निर्वाचन के दौरान यह संसदीय क्षेत्र अस्तित्व में आया। इस क्षेत्र में सराईकेला, जगन्नांथपुर, मनोहरपुर समेत 6 विधानसभा क्षेत्रों को समाहित किया गया है।
इस क्षेत्र में कुल 6 विधानसभाएं हैं, जिनमें चाईबासा, चक्रधरपुर, जगन्नाथपुर, मझगांव, मनोहरपुर और सरायकेला शामिल हैं। इस क्षेत्र में नवविकसित शहीद पार्क यहां का प्रमुख पर्यटन केंद्र है।
सिंहभूम सीट का राजनीतिक समीकरण
साल 2009 में हुए आम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी मधु कोड़ा इस सीट से सांसद चुने गए थे। 2014 के चुनाव में भाजपा के लक्ष्मण गिलुवा ने भारी मतों से जीत हासिल की थी।
इस दौरान कांग्रेस ने चित्रसेन सिंकु को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं इस चुनाव में गीता कोड़ा जय भारत समानता पार्टी की तरफ से चुनावी मैदान में थीं।
2019 के चुनाव में गीता कोड़ा ने कांग्रेस के टिकट से लड़ते हुए भाजपा के लक्ष्मण गिलुवा को 72,155 मतों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यहां कांग्रेस को 15 साल बाद जीत मिली।
मोदी लहर के बावजूद मिली हार से लक्ष्मण गिलुवा निराशा में डूब गए। कांग्रेस के टिकट से अंतिम बार बागुन सुंबरुई वर्ष 2004 में सांसद बने थे। वहीं साल 2024 में चुनाव से पहले पश्चिम सिंहभूम जिले की सांसद गीता कोड़ा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और भाजपा संग जुड़ गईं।
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