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    झारखंड में एलपीजी संकट गहराया: कमर्शियल गैस में 80% कटौती कटौती, घरेलू आपूर्ति भी प्रभावित

    Updated: Tue, 17 Mar 2026 10:49 AM (IST)

    संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड में एलपीजी किल्लत पर विधानसभा में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि केंद्र ने कमर्शियल गैस आपूर्ति मे ...और पढ़ें

    संसदीय कार्य मंत्री ने एलपीजी किल्लत को लेकर सदन में रखा सरकार का पक्ष।

    संसदीय कार्य मंत्री ने एलपीजी किल्लत को लेकर सदन में रखा सरकार का पक्ष।

    HighLights

    1. केंद्र ने कमर्शियल गैस आपूर्ति में 80% की भारी कटौती की।

    2. झारखंड में 3.27 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी रिफिल लंबित।

    3. कटौती से होटल, उद्योग और राज्य के राजस्व पर गंभीर असर।

    राज्य ब्यूरो, रांची। पश्चिमी एशिया में चल रहे भीषण संघर्ष से झारखंड में एलपीजी किल्लत की स्थिति पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सोमवार को विधानसभा में राज्य सरकार का पक्ष रखा।

    उन्होंने कहा कि कमर्शियल गैस की आपूर्ति में केंद्र सरकार ने 80 प्रतिशत की कटौती कर दी है, जो चिंताजनक है। उन्होंने घरेलू एलपीजी की आपूर्ति में हो रही परेशानी पर भी सरकार का वक्तव्य रखा।

    उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति में जहां अधिकतम 48 घंटे का समय लगता था, वहीं अब तीन से चार दिन का समय लग रहा है। इंडियन आयल, हिंदुस्तान तथा भारत पेट्रोलियम के 3,27,630 रिफिल आपूर्ति के लिए पेंडिंग हैं।

    मंत्री ने बताया कि 13 मार्च को केंद्र सरकार के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में बताया गया कि कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति को 80 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।

    14 मार्च को राज्य सरकार और तेल कंपनियों के साथ हुई बैठक में यह सामने आया कि झारखंड में हर महीने औसतन 2273.11 मीट्रिक टन कमर्शियल गैस की जरूरत होती है, जबकि कटौती किए जाने के कारण अब केवल 454.6 मीट्रिक टन की आपूर्ति ही हो पाएगी।

    इस तरह झारखंड को हर महीने 1818.51 मीट्रिक टन कमर्शियल गैस कम मिलेगी, जिसका प्रभाव होटल, रेस्टाेरेंट एवं अन्य वैसे प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा जहां कमर्शियल गैस से भोजन या अन्य खाद्य पदार्थ बनता है।

    उन्होंने कहा कि रांची और जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहरों में कई बड़े उद्योग संचालित होते हैं, जहां के कैंटीन में काम करने वाले हजारों श्रमिकों के लिए भोजन की व्यवस्था गैस सिलिंडर पर निर्भर है।

    गैस आपूर्ति बाधित होने से औद्योगिक गतिविधियों और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इसका असर जीएसटी पर भी पड़ेगा, जिससे राज्य को राजस्व का नुकसान होगा।

    भारत नहीं, डोनाल्ड ट्रंप हैं विश्वगुरु

    संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यह हास्यास्पद है कि रूस से तेल लेने की अनुमति अमेरिका दे रहा है। भाजपा विधायकों की टोकाटोकी पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि भारत नहीं डोनाल्ड ट्रंप विश्व गुरु हो गए हैं।

    डोनाल्ड ट्रंप ने रुस से तेल खरीदने की अनुमति दे दी है पर जो तेल आप रुस से लेंगे वह वैश्विक दर पर होगा। इस दौरान इंडिया स्पेसिफिक डिस्काउंट नहीं मिलेगा। अगर यह युद्ध महीना खींच गया तो फिस्कल पालिसी का सत्यानाश हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसपर भारत सरकार मौन है।

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