झारखंड में अब खेती वाली जमीन पर किसान लगा सकेंगे इमारती और फलदार पौधे, आय होगी दोगुनी
झारखंड के किसान अब कृषि के साथ पौधरोपण से भी आय बढ़ा सकेंगे। केंद्रीय वन उत्पादकता संस्थान ने राज्य की मिट्टी के अनुरूप कम समय में तैयार होने वाले इमा ...और पढ़ें
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पौधरोपण से भी अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे किसान। (जागरण)
HighLights
केंद्रीय संस्थान ने झारखंड के लिए नए पौधे विकसित किए।
इमारती और फलदार पौधे किसानों की आय बढ़ाएंगे।
ये पौधे खेतों की मेढ़ों और बंजर भूमि पर लगेंगे।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य के किसान अब कृषि के अलावा पौधरोपण से भी अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। केंद्रीय वन उत्पादकता संस्थान ने राज्य की मिट्टी के अनुरूप ऐसे पौधे तैयार किए हैं जो खेतों की मेढ़, बंजर या कम उपजाऊ जमीन पर लगाए जा सकेंगे।
ये सामान्य पौधों की तुलना में कम समय में तैयार होंगे और इमारती लकड़ी के तौर पर इनका प्रयोग होगा। इनमें साल, शीशम और महुआ के पेड़ों को पहले चरण में तैयार किया गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र में विशेषज्ञ संजय पांडे ने बताया कि इन पौधों का ज्यादा फैलाव नहीं होगा, इस वजह से ये खेतों पर धूप को भी नहीं रोकेंगे। वैज्ञानिकों ने इन्हें झारखंड की मिट्टी और जलवायु के मुताबिक तैयार किया है। पांडे ने बताया कि दस से पंद्रह साल में एक पौधा तैयार हो जाएगा। इसे बेचकर किसान आमदनी बढ़ा सकेंगे।
आम, जामुन और अमरूद के पौधे पहले से लग रहे
वन उत्पादकता संस्थान ने दो वर्ष पूर्व आम, जामुन और अमरूद के पौधों की नई किस्म विकसित की थी। इन्हें किसानों को अपने खेतों के आसपास लगाने के लिए दिया गया है। दो साल पलामू और लोहरदगा जिले में लगाए गए पौधों की वृद्धि अच्छी रही है।
हालांकि, ये पौधे चार साल के बाद फल देने के लिए तैयार होंगे। फलदार वृक्षों की सफलता के बाद अब इमारती वृक्षों से किसानों की आमदनी बढ़ाई जाएगी।