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झारखंड सरकार का बड़ा कदम, JPSC और JSSC की निगरानी के लिए बनी उच्च स्तरीय कमेटी

Updated: Tue, 25 Aug 2026 11:34 PM (IST)

सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और धांधली रोकने के लिए जेपीएससी व जेएसएससी की कार्यप्रणाली में सुधार हेतु एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है।

सीएम हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो)

सीएम हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जेपीएससी, जेएसएससी में पारदर्शिता हेतु उच्च स्तरीय कमेटी गठित।

  2. कमेटी विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बनी।

  3. आयोगों की कार्यप्रणाली, नियुक्ति प्रक्रियाओं की होगी समीक्षा।

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ धांधली, लेटलतीफी और छात्रों के आक्रोश को रोकने के लिए सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी जैसी संस्थानों की नकेल कसने की तैयारी कर ली है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी जेपीएससी और जेएसएससी जैसे आयोगों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए एक सिस्टम तैयार करेगी, जिससे इन पर निगरानी रखी जा सके।

विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी में कार्मिक सचिव और वित्त सचिव भी सदस्य होंगे। राज्य सरकार ने दोनों प्रमुख आयोगों की संवैधानिक और वैधानिक स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए उनके आंतरिक तंत्र को टटोलने का जिम्मा इस कमेटी को दिया है।

कार्मिक, विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, आयोग के भीतर चल रही नियुक्ति प्रक्रियाओं और कर्मचारियों-पदाधिकारियों की सेवा शर्तों की गहन समीक्षा की जाएगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य आयोगों की स्वायत्तता को कम करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हरी झंडी मिलने के बाद इस तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में भी गठित हुई है कमेटी

इसके पूर्व ऐसी ही एक कमेटी वरीय आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में बन चुकी है। ज्ञात हो कि सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब झारखंड की दोनों सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसियां लगातार विवादों के साये में रही हैं।

इन्हीं विवादों के कारण जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते काे इस्तीफा देना पड़ा और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।