विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'क्या परीक्षा के दौरान कंप्यूटर हैक होना संभव है', झारखंड हाई कोर्ट ने JSSC से मांगा जवाब

Updated: Tue, 25 Aug 2026 10:00 AM (IST)

झारखंड हाई कोर्ट ने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में 2,819 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा लेने के जेएसएससी के फैसले पर सुनवाई की। अदालत ने जेएसएससी ...और पढ़ें

जेएसएससी परीक्षा हैकिंग मामला: हाई कोर्ट ने आयोग से मांगा तकनीकी जवाब

जेएसएससी परीक्षा हैकिंग मामला: हाई कोर्ट ने आयोग से मांगा तकनीकी जवाब

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने जेएसएससी से परीक्षा हैकिंग पर जवाब मांगा।

  2. 2,819 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा के फैसले को चुनौती।

  3. अदालत ने तकनीकी विशेषज्ञ से राय लेने का निर्देश दिया।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा के 2,819 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा लेने के झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में जेएसएससी से जवाब मांगा है। अदालत ने आयोग को स्पष्ट करने को कहा है कि परीक्षा के दौरान किसी केंद्र पर किसी खास कंप्यूटर सिस्टम को ही बाहरी रूप से प्रभावित या हैक किया जाना तकनीकी रूप से संभव है या नहीं।

अदालत ने आयोग को विशेषज्ञ संस्थानों (बीआइटी मेसरा ) से तकनीकी राय लेकर विस्तृत जवाब शपथपत्र के माध्यम से दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी।

सुनवाई के दौरान प्रार्थी अर्पणा कुमारी एवं अन्य की ओर से दोबारा परीक्षा कराने के आयोग के नोटिस को चुनौती दी गई। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता रूपेश सिंह और चंचल जैन ने कहा कि एक बार परीक्षा आयोजित होने के बाद केवल कुछ अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा लेना उचित नहीं है। इससे सभी परीक्षार्थियों के साथ समान व्यवहार नहीं होगा।

आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार ने अदालत को बताया कि परीक्षा आनलाइन कंप्यूटर आधारित थी। परीक्षा में किसी तरह की बाहरी दखलंदाजी या सिस्टम से छेड़छाड़ का पता लगाने के लिए कंप्यूटर में विशेष साफ्टवेयर से निगरानी की गई थी।

परीक्षा में करीब 25 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें 2,819 अभ्यर्थियों के परीक्षा देने वाले कंप्यूटर सिस्टम में बाहरी प्रभाव पाए गए थे। इसके बाद इन अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिका (आंसर की) को लाक कर दिया गया था।

आयोग ने संबंधित अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर पूछा था कि उनके कंप्यूटर सिस्टम के प्रभावित होने में उनकी कोई संलिप्तता थी या नहीं। अभ्यर्थियों से इस संबंध में शपथपत्र भी लिया गया। इसके बाद आयोग ने इन सभी अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया। इसी नोटिस को प्रार्थियों ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने आयोग से पूछा कि यदि परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सिस्टम में बाहरी हस्तक्षेप या हैकिंग हुई थी, तो संबंधित मामले की उच्चस्तरीय जांच क्यों नहीं कराई गई।

अदालत ने यह भी जानना चाहा कि केवल प्रभावित अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराने का आधार क्या है। इस पर आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा सकती है।