झारखंड हाई कोर्ट ने हेल्थ सेफ्टी बोर्ड लागू करने में देरी पर सरकार से मांगा जवाब, दो सप्ताह का समय
रांची हाई कोर्ट ने कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट कर्मियों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर सुनवाई की। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि झारखंड में हेल्थ सेफ ...और पढ़ें

सरकार से दो सप्ताह में मांगा जवाब।
HighLights
झारखंड हाई कोर्ट ने हेल्थ सेफ्टी बोर्ड लागू करने पर सरकार से पूछा।
कोयला प्लांट कर्मियों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर अदालत में सुनवाई हुई।
चीफ इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज का पद झारखंड में रिक्त होने का मुद्दा।
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट में कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट में कर्मियों के स्वास्थ्य संबंधी सुविधा मिलने से संबंधित स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि झारखंड में हेल्थ सेफ्टी एडवाइजरी बोर्ड कब तक लागू होगा।
अदालत ने कहा कि हेल्थ सेफ्टी एंड आक्यूपेशनल रुल 2025 का ड्राफ्ट लंबित है, यह नियम कब तक बन जाएगा। अदालत ने इसपर सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह बात आई कि झारखंड में चीफ इंस्पेक्टर आफ फैक्ट्रीज का पद रिक्त है।
सरकार की ओर से बताया गया कि उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिलने के कारण डिप्टी चीफ इंस्पेक्टर आफ फैक्ट्रीज में से किसी को इंचार्ज चीफ इंस्पेक्टर आफ फैक्ट्रीज बनाकर काम लिया जा रहा है।
चीफ इंस्पेक्टर आफ फैक्ट्रीज का पोस्ट प्रमोशनल है, वर्ष 2030 तक यह पद खाली रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के आलोक में झारखंड के कोल आधारित थर्मल पावर प्लांट में कर्मियों के स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का निरीक्षण किया जाना है।
मामले में हाई कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर इसकी सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने झारखंड के कोल आधारित थर्मल पावर प्लांट से उनके कर्मियों की स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं पर जवाब मांगा था।