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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    चाइना निमोनिया है एक साइलेंट बीमारी, चुपके से बॉडी में ले लेता है एंट्री; शुरुआत में लक्षण का मिलना है मुश्‍किल

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Wed, 29 Nov 2023 11:46 AM (IST)

    चाइना निमोनिया के बढ़ते कहर को लेकर झारखंड में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अलर्ट मोड पर है। अभी से तैयारी कर ली जा रही है। बेड से लेकर ऑक्‍सीजन सिलेंडर और दवा ...और पढ़ें

    चाइना निमोनिया को लेकर अलर्ट पर झारखंड स्‍वास्‍थ्‍य विभाग।
    चाइना निमोनिया को लेकर अलर्ट पर झारखंड स्‍वास्‍थ्‍य विभाग।

    जासं, रांची। विश्व में चाइना निमोनिया के बढ़ते कहर को लेकर एक बार फिर बच्चों की चिंता बढ़ गई है। केंद्र सरकार के की ओर से सभी राज्यों को अलर्ट जारी करने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। रांची के सदर, सीएचसी अस्पतालों से लेकर रिम्स में तैयारी शुरू कर दी गई है। इसमें आक्सीजन और दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा गया है। पर्याप्त मैनपावर की व्यवस्था की जा रही है। यह पूरी व्यवस्था कोरोना संक्रमण की तरह ही की जा रही है।

    ऑक्‍सीजन, बेड, दवा हर चीज की कर ली जा रही तैयारी

    चाइना निमोनिया एक तरह से निमोनिया जैसी बीमारी है, जो सांस की समस्या से जुड़ी है। जिसे लेकर सदर अस्पताल सहित सभी प्रखंडों में स्थित सीएचसी व पीएचसी को अलर्ट कर दिया गया है।

    सिविल सर्जन ने सभी अस्पतालों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे आक्सीजन की पूरी व्यवस्था रखें, जहां पर पीएसए प्लांट नहीं है वहां पर आक्सीजन कंसेंट्रेटर और आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।

    सिविल सर्जन डा. प्रभात कुमार ने इसकी तैयारी को लेकर सोमवार को सोनाहातू, बुंडू व तमाड़ सीएचसी का दौरा किया और वहां की व्यवस्था देख असंतोष जाहिर किया है।

    उन्होंने बताया कि सोनाहातू सीएचसी में तो पीएसए प्लांट है लेकिन बाकी जगहों पर आक्सीजन की व्यवस्था नहीं दिखी। तत्काल सभी प्रभारियों को आक्सीजन, बेड और दवाओं की आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया है।

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    पीडियाट्रिक आइसीयू के लिए दी जाएगी ट्रेनिंग

    चाइना निमोनिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इस संदर्भ में सिविल सर्जन ने तैयारी करते हुए बताया कि यह कोराना की तरह ही इसकी तैयारी की जा रही है।

    सिविल सर्जन ने बताया कि पीडियाट्रिक आइसीयू के लिए कर्मियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही व्यवस्था की जा जाएगी, जिसमें सभी प्रखंडों से कर्मियों को बुलाया जाएगा। जल्द ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।

    कोरोना की तरह हो सकती है यह बीमारी

    डा. राजेश बताते हैं कि यह बीमारी कोरोना की तरह हो सकती है। अभी तक यह पेंडेमिक घोषित नहीं हुई है, लेकिन जरूरी है कि हम सभी पहले से ही अलर्ट हो जाएं।

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    दवा से लेकर ऑक्‍सीजन तक की तैयारी दुरुस्‍त कर ली जाए। दूसरी ओर उन्‍होंने बताया कि जिस वक्‍त कोरोना के समय वायरस लगातार अपना रूप बदल रहा था, उसी तरह हो सकता है कि इस बीमारी में भी यह अपना रूप बदलता रहे। 

    साइलेंट रोग है, बिना लक्षण के ही होता है चाइना निमोनिया

    चाइना निमोनिया बिना किसी लक्षण के ही बच्‍चों को होता है। बालपन अस्‍पताल के डा. राजेश बताते हैं कि यह काफी साइलेंट बीमारी है, जिसमें बच्‍चों में निमोनिया के कोई लक्षण ही नहीं दिखाई देते हैं। शुरुआती दौर में पता ही नहीं चलता है कि बच्‍चों में कोई परेशानी है। लेकिन अचानक जब पता चलता है कि तब तक बच्‍चे को निमोनिया जकड़ चुकी होती है।  

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