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    Jharkhand Heatwave: 'सामान्य गर्मी नहीं, संभावित स्वास्थ्य आपदा है'; स्वास्थ्य मंत्री ने की सुबह 11 से शाम 4 बजे तक धूप से बचने की अपील

    Updated: Thu, 21 May 2026 03:56 PM (IST)

    स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने झारखंड में भीषण गर्मी और लू को संभावित स्वास्थ्य आपदा बताया है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और सिविल सर्जनों को आपात ...और पढ़ें

    स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से की भीषण गर्मी व लू को लेकर सतर्कता बरतने की अपील।

    स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से की भीषण गर्मी व लू को लेकर सतर्कता बरतने की अपील।

    HighLights

    1. स्वास्थ्य मंत्री ने भीषण गर्मी को स्वास्थ्य आपदा बताया।

    2. सिविल सर्जनों को आपातकालीन व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश।

    3. लोगों से सुबह 11 से शाम 4 बजे तक धूप से बचने की अपील।

    राज्य ब्यूरो, रांची। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने राज्य में लगातार बढ़ते तापमान, भीषण गर्मी एवं लू (हीट वेब) की गंभीर स्थिति को देखते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम परिस्थितियां केवल सामान्य गर्मी नहीं, बल्कि एक संभावित स्वास्थ्य आपदा का रूप ले सकती हैं।

    ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ सावधानियों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोगों की एक छोटी सी सावधानी उनका जीवन बचा सकती है।

    मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों को इसे लेकर अलर्ट पर रखा गया है। सिविल सर्जनों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, सन बर्न एवं लू से संबंधित सभी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखी जाए।

    अलर्ट मोड पर अस्पताल 

    अस्पतालों में ओआरएस, आवश्यक दवाइयां, आइवी फ्लूड्स, आपातकालीन बेड, कूलिंग सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने लोगों से अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने, सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक धूप एवं लू के सीधे संपर्क से बचने की अपील की।

    उन्होंने राज्य की जनता से अधिक मात्रा में पानी, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने, धूप में निकलते समय सिर को गमछा, टोपी, कपड़े या छाते से अवश्य ढकने, खाली पेट घर से बाहर न निकलने तथा हल्का एवं पौष्टिक आहार ही लेने आदि का सुझाव दिया है।

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    बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया है क्योंकि वे हीट स्ट्रेस के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता, ऊर्जा आदि विभागों को भी आवश्यक निर्देश दिए हैं।

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