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    सिमडेगा में जमीन विवाद में मासूम सहित चार की हत्या में दो दोषियों को झारखंड हाई कोर्ट से जमानत नहीं

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 06:34 PM (IST)

    झारखंड हाई कोर्ट ने सिमडेगा में जमीन विवाद में चार लोगों की हत्या के दोषियों पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग की जमानत याचिका खारिज कर दी। निचली अदालत ने ...और पढ़ें

    जमीन विवाद में ही परिवार के चार लोगों की हुई थी हत्या।

    जमीन विवाद में ही परिवार के चार लोगों की हुई थी हत्या।

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने दो दोषियों की जमानत याचिका खारिज की।

    2. सिमडेगा में जमीन विवाद में चार लोगों की हत्या हुई थी।

    3. निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट में पांच वर्षीय मासूम सहित एक ही परिवार के चार लोगों की टांगी से काटकर हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो दोषियों की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने सजायाफ्ता पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग की जमानत याचिका खारिज कर दी।

    दोनों ने सिमडेगा के निचली अदालत से मिली सजा को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील दायर की है। अपील लंबित रहने के दौरान उन्होंने हस्तक्षेप याचिका दायर कर जमानत देने की गुहार लगाई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को राहत देने से इन्कार कर दिया।

    सिमडेगा की निचली अदालत ने जुलाई 2025 में इस हत्याकांड में पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वहीं, मामले के मुख्य दोषी संजय सोरेंग को फांसी की सजा सुनाई गई थी। दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

    जमीन विवाद में हुई थी चार लोगों की हत्या

    घटना 17 मई 2018 की है। पाकरटांड़ थाना क्षेत्र निवासी राकेश सोरेंग अपने घर में थे। इसी दौरान गांव के पुनीत सोरेंग, संजय सोरेंग और निर्मल सोरेंग वहां पहुंचे। जमीन विवाद को लेकर राकेश सोरेंग से उनका झगड़ा शुरू हो गया।

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    इसी दौरान नेस्तोर सोरेंग बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने उन्हें पकड़ लिया और टांगी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद तीनों घर में घुसे और राकेश सोरेंग, उनकी पत्नी कारमेला सोरेंग तथा पांच वर्षीय पुत्र फिलमोन सोरेंग पर भी टांगी से हमला कर उनकी हत्या कर दी।

    घटना के बाद पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जुलाई 2025 में निचली अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। अब पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग की सजा के खिलाफ दायर अपील हाई कोर्ट में लंबित है।