यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झारखंड: हाईकोर्ट ने नहीं दिया था CM हेमंत के खिलाफ केस का आदेश, शिकायतकर्ता ने FIR में अपनी तरफ से जोड़ा नाम
Sahibganj Illegal Mining Case मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित 20 के खिलाफ साहिबगंज के मुफ्फसिल थाने में अवैध खनन मामले में की गई लिखित शिकायत में नए तथ् ...और पढ़ें

HighLights
- हाईकोर्ट ने नहीं दिया है सीएम हेमंत सोरेन के विरुद्ध केस का आदेश।
- शिकायतकर्ता ने FIR में खुद से जोड़ा मुख्यमंत्री का नाम।
- शिकायतकर्ता ने पंकज मिश्रा, दाहू यादव व अन्य के खिलाफ की थी सीबीआइ से जांच कराने की मांग।
राज्य ब्यूरो, रांची। Sahibganj Illegal Mining Case मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित 20 के खिलाफ साहिबगंज के मुफ्फसिल थाने में अवैध खनन मामले में की गई लिखित शिकायत में नए तथ्य सामने आए हैं।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका और हाईकोर्ट के आदेश में कहीं भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम नहीं था। इसके बावजूद शिकायतकर्ता अनुरंजन अशोक और तीर्थ नाथ आकाश ने ऑनलाइन एफआईआर के लिए किए गए आवेदन में उनका नाम जोड़ा दिया है।
क्या थी याचिकाकर्ता की मांग
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में शिकायतकर्ता ने राज्य सरकार, मुख्य सचिव, गृह सचिव, एसपी साहिबगंज, खान सचिव, खान निदेशक, डीएमओ साहिबगंज, सीबीआई निदेशक, आयकर निदेशक, पंकज मिश्रा व दाहू यादव को पार्टी बनाया था। उसकी मांग थी कि पंकज मिश्रा और दाहू यादव ने मिलकर करोड़ों का खनन घोटाला किया है। पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाय।
क्या था झारखंड हाईकोर्ट का आदेश
यह याचिका 2021 में दाखिल की गई थी। इसपर हाईकोर्ट ने 27 अप्रैल को आदेश देते हुए याचिका निष्पादित कर दी थी।
शिकायतकर्ता ने पंकज मिश्रा और राहुल यादव की अवैध खनन मामले में संलिप्तता मामले में सीबीआई जांच की मांग तो की, लेकिन भारतीय दंड विधान के तहत किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई थी।
हाईकोर्ट ने इस आदेश के साथ याचिका निष्पादित की थी कि शिकायतकर्ता पहले इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराए। अगर वहां के थानेदार को लगे कि मामला जांच के योग्य है, तो आगे की कार्रवाई करे।
शिकायतकर्ता ने दर्ज कराई थी ऑनलाइन FIR
शिकायतकर्ता ने कोर्ट के इसी आदेश के आलोक में साहिबगंज के मुफ्फसिल थाने में तीन सितंबर को ऑनलाइन शिकायत की। उसने अपनी शिकायत में लिखा कि वर्ष 2021 में याचिका दाखिल करने के बाद अवैध खनन मामले में कई नई जानकारियां सामने आई है, जिसे अद्यतन करते हुए वह आवेदन दे रहा है। इन्हीं नई जानकारियों में उसने अपनी शिकायत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित 20 लोगों का नाम जोड़ दिया।