यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सांसद-विधायकों के बरी होने पर अपील दाखिल हुई या नहीं? झारखंड हाईकोर्ट का CBI से सवाल
हाई कोर्ट में झारखंड में सांसद और विधायकों के खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस के तुरंत निपटारे को लेकर बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने मामले में बरी ...और पढ़ें

HighLights
- अदालत ने अभियोजन निदेशक से मांगा जवाब
- 15 आपराधिक मामलों की सुनवाई चल रही- CBI
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस चंद्रशेखर व जस्टिस नवनीत कुमार की खंडपीठ में झारखंड में सांसद और विधायकों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण के मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने सांसद और विधायकों के मामले में बरी होने के बाद सरकार की ओर से ऊपरी अदालतों में अपील की जानकारी मांगी है।
अदालत ने अभियोजन निदेशक से पूछा कि निचली अदालत से बरी होने के बाद कितने सांसद और विधायकों के मामले में हाई कोर्ट में अपील दाखिल की गई है। अदालत ने शपथ पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 मई को होगी।
सुनवाई के दौरान अदालत यह जानना चाहा कि निचली अदालत से जो आरोपित बरी हुई हैं, उनके खिलाफ अपील दायर हुई है या नहीं? इस पर अभियोजन निदेशक स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। निदेशक ने कहा कि उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है। इसके लिए समय चाहिए। अदालत ने उन्हें समय देते हुए 17 मई के पूर्व यह बताने को कहा कि अब तक कितने आरोपित निचली अदालत से बरी हुए हैं और कितने के खिलाफ सरकार ने अपील दायर की है।
CBI कोर्ट में 15 आपराधिक मामलों की सुनवाई चल रही
सुनवाई के दौरान सीबीआइ की ओर से बताया गया कि सीबीआइ अदालत में विधायकों-सांसदों के खिलाफ दर्ज 15 आपराधिक मामलों की सुनवाई चल रही है। कई में गवाही चल रही रही है। शीघ्र निष्पादन के लिए सुनवाई की जा रही है। इस पर अदालत ने सीबीआइ को जवाब दाखिल कर यह बताने को कहा कि गवाही में देरी क्यों हो रही है।
खबरें और भी
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट सांसद-विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों की त्वरित सुनवाई कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों के हाई कोर्ट को इस मामलों की निगरानी करने का निर्देश दिया है। इसके बाद हाई कोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है।