आज झारखंड हाई कोर्ट में 3:30 बजे JPSC-JSSC नियुक्तियां रद करने पर सुनवाई, अभ्यथियों की ओर से तीन याचिकाएं दाखिल
झारखंड हाई कोर्ट में जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं को रद करने के सरकार के फैसले के खिलाफ तीन याचिकाएं दायर की गई हैं। इन याचिकाओं पर गुरुवार को जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई होगी।

बुधवार को देर शाम जल्द सुनवाई के लिए मेंशन दाखिल, कोर्ट ने किया स्वीकार।
HighLights
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा रद करने के खिलाफ तीन याचिकाएं दाखिल।
गुरुवार को जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में होगी सुनवाई।
नियुक्त अभ्यर्थियों ने सरकार के रद करने के फैसले को चुनौती दी।
राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं को रद किए जाने के विरुद्ध झारखंड हाई कोर्ट में बुधवार को तीन याचिकाएं दाखिल की गईं। सोनम कुमारी, अवधेश कुमार एवं अन्य की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दायर कर नियुक्ति रद करने के सरकार के आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया गया है।हाई कोर्ट में साढे तीन बजे सुनवाई होगी। अदालत ने कहा है कि जितनी भी याचिकाएं दाखिल की गई है उसको एक साथ टैग करते हुए अदालत 3:30 बजे सुनवाई करेगी। इस बीच अदालत में याचिकाओं में त्रुटियों को सुधार करने का मौका दिया है।
गुरुवार को जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में इन याचिकाओं को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इससे पहले बुधवार शाम चार बजे इन याचिकाओं पर जल्द सुनवाई के लिए कोर्ट में मेंशन (विशेष आग्रह) किया गया, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने मामले में गुरुवार को सुनवाई निर्धारित की है।
सोनम कुमारी की ओर से अधिवक्ता पीएसए पति ने याचिका दाखिल की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वह संबंधित प्रतियोगिता परीक्षा में चयनित होने के बाद नियुक्त होकर सेवा दे रहे हैं। परीक्षा रद करने के सरकार के फैसले से उनकी नियुक्ति पर संकट उत्पन्न हो गया है।
यह भी कहा गया है कि बिना नोटिस और बिना किसी स्पष्ट जांच के सभी नौकरी करने वालों को अचानक हटाया जाना असंवैधानिक है। जेपीएससी की 11-13वीं सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से लोहरदगा में उपसमाहर्ता के पद पर कार्यरत सोनम कुमारी का कहना है कि टीडीपीएल कंपनी ने उक्त परीक्षा में महज मेधा सूची जारी की थी।
परीक्षा के आयोजन में कंपनी की कोई भूमिका नहीं है। उनकी नियुक्ति मामले में कोई आरोप भी नहीं। विभागीय कार्रवाई तक नहीं की गई है। सरकार का निर्णय पूरी तरह से अनुचित है। ऐसे में कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश को निरस्त किया जाए।
बता दें कि राज्य सरकार ने टीडीपीएल से जुड़ी 22 प्रतियोगिता परीक्षाओं को रद कर दिया है। इनमें चार परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्ति भी हो चुकी थी। इनमें सीजीएल परीक्षा, सीडीपीओ नियुक्ति परीक्षा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा तथा 11-13वीं सिविल सेवा परीक्षा सम्मिलित हैं।
