साहब थमा देते थे मोबाइल, मुंशी कर देता था खेल; झारखंड में करोड़ों के वेतन घोटाले की इनसाइड स्टोरी
CID झारखंड में अवैध वेतन निकासी के सात मामलों की जांच कर रही है, जिसमें अब तक 17 लेखापाल व उनके सहयोगी गिरफ्तार हुए हैं। हालांकि, अनुसंधान में अभी तक ...और पढ़ें

अवैध वेतन निकासी मामले में सात जिलों में दर्ज कांडों का अनुसंधान कर रही है सीआईडी।
HighLights
सीआईडी सात जिलों में अवैध वेतन निकासी की जांच कर रही।
अब तक 17 लेखापाल व सहयोगी गिरफ्तार, डीडीओ शामिल नहीं।
बोकारो, हजारीबाग मामलों में चार्जशीट दाखिल, चाईबासा की तैयारी।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में अवैध वेतन निकासी मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) के अनुसंधान में अब तक न तो किसी ड्राविंग एंड डिस्बर्सिंग अफिसर (डीडीओ) अथवा आहरण एवं संवितरण अधिकारी की संलिप्तता उजागर हो सकी है और न ही किसी जिले के कोषागार पदाधिकारी तक ही जांच की आंच पहुंची है।
हालांकि, अनुसंधान अभी जारी है। राज्य के सात जिलों में दर्ज कांडों में सीआईडी अनुसंधान चल रहा है। इनमें बोकारो, हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा में एसपी कार्यालय के लेखा शाखा से अवैध निकासी, एसआइआरबी खूंटी से अवैध निकासी, रांची व रामगढ़ में पशुपालन विभाग के खाते से अवैध निकासी तथा देवघर में स्वास्थ्य विभाग के खाते से अवैध निकासी का मामला शामिल है।
इन सात जिलों में अनुसंधान के क्रम में अब तक 17 आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं। ये आरोपित संबंधित लेखा शाखा के लेखापाल, उनके सहयोगी व रिश्तेदार आदि शामिल हैं। जिला व सीआईडी के माध्यम से अब तक बोकारो से चार, हजारीबाग से छह, चाईबासा से चार, रांची, देवघर व खूंटी से एक-एक गिरफ्तारियां हुईं हैं। सभी 17 आरोपित जेल में हैं।
ओटीपी के लिए डीडीओ के मोबाइल का होता था इस्तेमाल
अवैध वेतन निकासी मामले में जेल जाने वाले लेखापाल ने यह स्वीकारा था कि कुबेर पोर्टल पर कर्मियों के डेटा में बदलाव, वेतन पंजी आदि तैयार करने के दौरान डीडीओ के मोबाइल पर ओटीपी जाता था। डीडीओ बिना सत्यापन के ही लेखापाल को मोबाइल थमा देते थे।
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उस मोबाइल पर ओटीपी मंगाकर डीडीओ डेटा में छेड़छाड़ करता था और फर्जीवाड़ा कर मृत अथवा सेवानिवृत्त कर्मियों को कार्यरत दिखाकर उनके नाम पर वेतन की निकासी कर लेता था। उस डेटा व वेतन पंजी का मिलान कई स्तर पर नहीं हुआ था। यही वजह है कि वर्षों से अवैध वेतन का भुगतान होता रहा।
दो जिलों के मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है सीआईडी
सीआईडी दो जिलों बोकारो से 11 करोड़ व हजारीबाग से करीब 31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। बहुत जल्द ही चाईबासा मामले में भी चार्जशीट करने की तैयारी है।
चाईबासा जिला कोषागार से अवैध निकासी मामले में 27 अप्रैल को वहां की जिला पुलिस ने चार आरोपितों को जेल भेजा था। जेल जाने वालों में मुख्य लेखापाल सिपाही देवनारायण मुर्मू, उसका सहयोगी गोराचंद मार्डी, देवनारायण मुर्मू का जीजा अरुण मार्डी व साला सरकार हेम्ब्रम शामिल थे। सभी आरोपितों पर जल्द ही सीआइडी चार्जशीट करेगी।