Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    झारखंड में झारखंड में सीनियर IPS अधिकारी पर आदिवासी जमीन हड़पने का आरोप, बाबूलाल मरांडी ने सीएम से की जांच की मांग

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 07:19 PM (IST)

    नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पंकज कंबोज द्वारा आदिवासी खतियानी जमीन की अवैध खरीद और म्यूटेशन की ज ...और पढ़ें

    नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पंकज कंबोज के पिता के नाम अवैध हस्तांतरण की जानकारी दी।

    नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पंकज कंबोज के पिता के नाम अवैध हस्तांतरण की जानकारी दी।

    HighLights

    1. बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को जांच के लिए पत्र लिखा।

    2. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पंकज कंबोज पर आदिवासी जमीन हड़पने का आरोप।

    3. सीएनटी एक्ट उल्लंघन और काले धन की जांच की मांग।

    राज्य ब्यूरो, रांची। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी पंकज कंबोज द्वारा आदिवासी खतियानी जमीन की अवैध खरीद और उसके म्यूटेशन की जांच की मांग की है। रविवार को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि इस संबंध में अनुराग उरांव द्वारा एक शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है।

    शिकायत के अनुसार मौजा-चामा, खाता संख्या-120, भाग-2, प्लाट संख्या-1054, हल्का-3, अंचल-कांके, जिला-रांची स्थित खतियानी आदिवासी भूमि को वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी पंकज कंबोज ने अपने पिता प्रेम कुमार कंबोज के नाम पर अवैध रूप से खरीदा है।

    रजिस्ट्री के बाद इस जमीन का म्यूटेशन भी अवैध तरीके से करा लिया गया है। मरांडी ने पत्र में लिखा है कि इस तरह के अवैध हस्तांतरण में काले धन का उपयोग किया गया है। केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच के दायरे में आए भू-माफिया कमलेश कुमार के पीछे भी इन्हीं अधिकारी का संरक्षण होने की बात सामने आई है।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा, सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा अवैध तरीके से जमीन खरीदना आदिवासी अधिकारों और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे प्रकरण के साथ पंकज कंबोज द्वारा खरीदी गई सभी संपत्तियों की सीबीआइ या एसीबी से जांच कराए जाने की मांग मुख्यमंत्री से की है। इसके साथ ही आदिवासी परिवार को न्याय देने के लिए भी मुख्यमंत्री से पहल करने की बात पत्र में लिखी है।