यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Jamin Deed: जमीन डीड नंबर की हेराफेरी पर लगेगी रोक, एनआईसी तैयार करेगा उम्दा सॉफ्टवेयर
झारखंड में जमीन से जुड़े विवादों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब जमीन की फर्जी डीड पर रोक लगेगी। इसके लिए एनआईसी एक उम ...और पढ़ें

HighLights
- मंत्री दीपक बिरुआ का आदेश, घटेंगे लंबित म्यूटेशन के मामले
- एनआईसी के सॉफ्टवेयर में सुधार करने का निर्देश दिया
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में जमीन संबंधित विवाद और इसे लेकर पनपे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के मंत्री दीपक बिरुआ (Minister Deepak Barua) लगातार प्रत्यन कर रहे हैं। उन्होंने अब फर्जी डीड (Jharkhand Jamin Deed) पर लगाम लगाने की पूरी तैयारी कर ली है।
मंत्री ने विभाग को इसके लिए खास एक्शन प्लान के तहत एनआईसी के सॉफ्टवेयर में सुधार करने का निर्देश दिया है।
'जब कोई व्यक्ति डीड आवेदन करता है तो...'
मंत्री ने फर्जी डीड के माध्यम से किए जाने वाले भ्रष्टाचार पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि जब कोई व्यक्ति डीड आवेदन करता है तो संबंधित व्यक्ति को डीड का यूनिक नंबर मिलता है। उसमें छोटी-मोटी खामियां निकालकर डीड को रद कर दिया जाता है।
ठीक इसके कुछ ही दिन बाद दोबारा संबंधित व्यक्ति के उसी डीड नंबर को उसके आगे-पीछे यूनिक नंबर लगाकर दोबारा डीड अप्लाई करवाया या किया जाता है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। इसी चक्कर में लंबित म्यूटेशन के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं।
'उम्दा सॉफ्टवेयर बनाए एनआईसी'
उन्होंने आदेश दिया कि विभाग एक ही जमीन के लिए दोबारा डीड आवेदन करने पर पूरी तरह से लगाम लगाए ताकि फर्जी डीड बनाकर गलत तरीके से म्यूटेशन करने पर भी रोक लग सके। एनआईसी उम्दा सॉफ्टवेयर बनाए।
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दोबारा डीड अप्लाई करने पर तत्काल उसपर रोक लगाने की दिशा में काम हो। इससे विभिन्न अंचलों में लंबित म्यूटेशन के मामले घटेंगे। साथ ही अंचल कर्मियों को जमीन संबंधित बाकी काम निपटारा करने में सहूलियत होगी।
'जमीन अपने नाम करने का धंधा चला रहे कुछ अंचलाधिकारी'
मंत्री ने कहा कि झारखंड में आदिवासी-मूलवासियों को कई मायने में जमीन के संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। अपनी ही जमीन की रसीद कटवाने या अन्य छोटे मोटे कार्यों के लिए बार–बार अंचल में दौड़ना पड़ता है। उसका बिचौलिया गलत लाभ उठाते हैं।
उन्होंने कहा, किसी भी हाल में जमीन संबंधित विवाद पर फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आमजनों की समस्याओं पर खास ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पुरखों की जमीन पर कुछ अंचलाधिकारी, कर्मी किसी खास व्यक्ति के इशारे पर जमीन अपने नाम या किसी चहेते के नाम कराने का धंधा चला रहे हैं। ऐसे पदाधिकारियों को चिन्हित कर उनपर कार्रवाई की जाएगी। गलत व्यवस्था पर अबुआ सरकार कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।