विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

खनिज से भरे राज्य में खदानें बंद, जनता बेहाल: बाबूलाल के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, भाजपा का मॉडल जंगल-जमीन लूट का

Published: Thu, 16 Jul 2026 08:30 PM (IST)Updated: Fri, 17 Jul 2026 11:32 AM (IST)

बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में खनिज संपदा के बावजूद खनन क्षेत्र में विफलता और हजारों करोड़ के डीएमएफटी फंड में ...और पढ़ें

झारखंड में खनिज संपदा के बावजूद खदानें बंद, बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल।

झारखंड में खनिज संपदा के बावजूद खदानें बंद, बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल।

HighLights

  1. बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में खनन क्षेत्र की विफलता बताई।

  2. हजारों करोड़ के डीएमएफटी फंड में अनियमितता का आरोप।

  3. चाईबासा में खदानें बंद, एसीसी प्लांट भी हो रहा बंद।

राज्य ब्यूरो, रांची। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड नीतिगत विफलता, प्रशासनिक सुस्ती और पारदर्शिता के अभाव में बेहाल है। देश की क्षमता का लगभग 40 प्रतिशत खनिज संसाधन होने के बावजूद राज्य खनन राजस्व, उत्पादन, रोजगार और नई खदानों की नीलामी में पिछड़ रहा है, जो युवाओं और अर्थव्यवस्था के साथ अन्याय है।

गुरुवार को प्रेस वार्ता कर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि चाईबासा में कई खदानों की लीज समाप्त होने के बाद उनका नवीनीकरण या दोबारा नीलामी नहीं हुई। जामदा बाजार, जो कभी आर्थिक गतिविधियों का केंद्र था, आज मंदी का शिकार है।

उन्होंने कहा कि जामदा से मात्र 20 किलोमीटर दूर ओडिशा के बड़बिल में नीलामी, उत्पादन और रोजगार में वृद्धि हुई है। यह अंतर संसाधनों का नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक क्षमता का है।

मरांडी ने बताया कि 2019-20 से देश में 434 खनिज ब्लाकों की नीलामी हुई, जिनमें ओडिशा में 45, छत्तीसगढ़ में 41 और झारखंड में केवल 3 ब्लाक शामिल हैं। इसका असर उत्पादन पर भी स्पष्ट है।

2018-19 से 2024-25 के बीच ओडिशा का लौह अयस्क उत्पादन 120 मिलियन टन से बढ़कर 180 मिलियन टन हुआ, जबकि झारखंड 23 मिलियन टन पर स्थिर रहा। उन्होंने कहा कि चाइबासा में पत्थर खदानों की स्थिति भी खराब है।

नोआमुंडी में 9 में से 7 खदानें बंद हैं। झींकपानी में 1946 से संचालित एसीसी प्लांट 16 अगस्त से बंद होने जा रहा है, जिससे लगभग 1600 परिवार प्रभावित होंगे। मरांडी ने कहा कि डीएमएफटी फंड के उपयोग में भी गंभीर अनियमितता है। पश्चिमी सिंहभूम में 2016 से 2026 के बीच लगभग 3,700 करोड़ जमा हुए। लेकिन इसकी ने तो वार्षिक रिपोर्ट है और परियोजनाओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं है।

भाजपा का माॅडल जल-जंगल जमीन की लूट का : कांग्रेस

बाबूलाल मरांडी के खदानों की नीलामी को लेकर झारखंड सरकार पर लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस प्रवक्ता अख्तर अली ने पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने मरांडी के बयान को भ्रामक, जनविरोधी और कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की छटपटाहट करार दिया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बाबूलाल झारखंड की तुलना ओडिशा और छत्तीसगढ़ से कर रहे हैं, जहां भाजपा और उनके सहयोगियों की नीतियों के कारण आदिवासियों को उनकी जमीनों से बेदखल किया जा रहा है और बिना ग्राम सभा की सहमति के समृद्ध जंगलों को काटा जा रहा है।

भाजपा का माडल अंधाधुंध खनन और कारपोरेट लूट का है, जबकि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का मॉडल सतत विकास और जल-जंगल-जमीन का संरक्षण है। भाजपा का मॉडल जल-जंगल जमीन की लूट का रहता है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।