Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand: झारखंड में इन लोगों को नहीं मिलेगा नौकरी में आरक्षण और पेंशन का लाभ, हेमंत सरकार ने लिया बड़ा फैसला

    Updated: Sat, 22 Mar 2025 08:39 PM (IST)

    झारखंड विधानसभा में वनांचल आंदोलनकारियों को नौकरी आरक्षण और पेंशन का लाभ नहीं मिलने का मुद्दा उठा। सरकार ने स्पष्ट किया कि केवल झारखंड आंदोलनकारियों क ...और पढ़ें

    झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन। फाइल फ़ोटो
    झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन। फाइल फ़ोटो

    HighLights

    1. सदन में मंत्री ने कहा, झारखंड आंदोलनकारियों को नौकरी भी देंगे और आश्रितों को क्षैतिज आरक्षण भी
    2. भाजपा विधायकों ने कहा, वनांचल आंदोलन भी अलग राज्य के लिए, मिलना चाहिए लाभ

    राज्य ब्यूरो, रांची। वनांचल अलग राज्य को लेकर आंदोलन करनेवाले लोगों को पेंशन या नौकरी में आरक्षण या अन्य लाभ नहीं मिलेगा।

    शनिवार को विधानसभा में भाजपा विधायक अमित कुमार यादव के सवाल पर राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार द्वारा तय सुविधाओं का लाभ सिर्फ झारखंड आंदोलनकारियों को मिलेगा।

    वनांचल आंदोलनकारियों को लाभ नहीं देने पर सदन में थोड़ी देर के लिए सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक भी हुई।

    इस क्रम में प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को नौकरी भी मिलेगी और उनके आश्रितों को नौकरी में क्षैतिज आरक्षण भी। लेकिन झारखंड आंदोलनकारियों के लिए निर्धारित कोई भी लाभ वनांचल आंदोलनकारियों को नहीं मिलेगा।

    भाजपा विधायक का कहना था कि दुर्भावना से ग्रसित होकर झारखंड आंदोलनकारी चिह्नितीकरण आयोग ने वनांचल शब्द को हटा दिया, जिससे वनांचल आंदोलकारियों को पेंशन एवं अन्य लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि अलग राज्य को लेकर वनांचल आंदोलनकारी भी जेल गए थे।

    उनके समर्थन में उतरे विधायक सीपी सिंह ने कहा कि अलग राज्य आंदोलन का नाम कुछ भी हो, लड़ाई लड़नेवालों को लाभ मिलना चाहिए।

    उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री समरेश सिंह के नेतृत्व में झारखंड के साथ-साथ ओडिशा और पश्चिमी बंगाल के कुछ क्षेत्राें को मिलाकर वनांचल राज्य के लिए आंदोलन किया गया था।

    चिराग जलाकर ढूंढ़ने से नहीं मिलेगा झारखंड के लिए लाठी खानेवाला

    मंत्री सुदिव्य कुमार ने भी कहा कि झारखंड आंदोलनकारी चिह्नितीकरण के लिए नियम और मानक तय हैं। वनांचल आंदोलन के नाम पर किसी पर मुकदमा हुआ है तो उसे पेंशन या अन्य लाभ नहीं मिलेगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि वनांचल आंदोलनकारियों में चिराग जलाकर ढूंढ़ने से भी लाठी खानेवाला या जेल जानेवाला नहीं मिलेगा।

    इससे पहले, झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि झारखंड आंदोलन में सबसे बड़ी भूमिका झामुमो और दिशोम गुरू शिबू सोरेन की रही।

    सवाल उठाया कि क्या भाजपा के लोग बता सकते हैं कि उनमें कितने लोगों ने लाठी खाई या जेल गए? राज्य अलग करने में उनकी क्या भूमिका रही?

    नल-जल योजना पर कांग्रेस विधायकों ने अपनी ही सरकार को घेरा

    • नल-जल योजना का लाभ घरों तक पहुंचने में राज्य सरकार द्वारा गलत आंकड़ा दिए जाने पर कांग्रेस विधायकों ने अपनी ही सरकार को घेरा।
    • कांग्रेस विधायक नमन विक्सल काेंगाड़ी, राजेश कच्छप तथा भूषण बाड़ा ने राज्य सरकार के आंकड़ों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि लोग पानी के लिए तरस रहे हैं और विभाग आंकड़ों की बाजीगरी कर रहा है।
    • शुरू में तो पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने आंकड़ों के गलत होने से इंकार किया, लेकिन विधायकों के दबाव पर उन्होंने आंकड़ों की जांच कराने का आश्वासन दिया।
    • इससे पहले विधायक नमन विक्सल ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से अपने विधानसभा क्षेत्र कोलेबिरा में 50 प्रतिशत घरों में ही नल-जल योजना का लाभ पहुंचने की बात कही।
    • मंत्री ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 63,666 घरों के लक्ष्य के विरुद्ध 61,783 घरों में योजना का लाभ पहुंच गया है। विधायक ने इस आंकड़े को गलत बताया।
    • भूषण बाड़ा ने भी कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 1.21 लाख घरों के लक्ष्य के विरुद्ध 1.20 लाख घरों में पानी पहुंचाने की बात कही गई है जो गलत है। 

    यह भी पढ़ें-

    आपस में भिड़े में हेमंत के 2 मंत्री, खूब हुई कहासुनी; एक ने सीधे CM से कह दी यह बात

    झारखंड विधानसभा में उठा स्मार्ट मीटर का मामला, BJP MLA रागिनी सिंह बोलीं- लगातार आ रही शिकायतें

    खबरें और भी