यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Bijli News: झारखंड के इस छोटे शहर की हो गई बल्ले-बल्ले, अब यहां मिलेगी 24 घंटे बिजली; परेशानी हुई दूर
झारखंड के लोहरदगा में अब 24 घंटे बिजली मिलेगी। लोहरदगा-लातेहार 220/132 केवी ग्रिड सबस्टेशन और लोहरदगा 220 केवी द्विपथ संचरण लाइन के शुरू होने से यह सं ...और पढ़ें

HighLights
- ट्रांसमिशन लाइन चालू होने के बाद गुमला, सिमडेगा को भी लाभ
- रांची के लिए 70 मेगावाट तक की बिजली की बचत होगी
राज्य ब्यूरो, रांची। Jhakhand News: झारखंड के छोट से शहर लोहरदगा में अब 24 घंटे बिजली मिलेगी।दरअसल, लोहरदगा-लातेहार 220/132 केवी ग्रिड सबस्टेशन एवं लोहरदगा 220 केवी द्विपथ संचरण लाइन आरंभ हो गया है। इससे लोहरदगा में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने में सहूलियत होगी। बिजली आपूर्ति में गुणात्मक सुधार में ट्रांसमिशन लाइन मददगार साबित होगा।
लातेहार ग्रिड को पावर ग्रिड कारपोरेशन के चंदवा स्थित राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा गया है। लोहरदगा ग्रिड का निर्माण कार्य पावर ग्रिड कारपोरेशन ने झारखंड कंस्लटेंसी परियोजना के तहत वर्ष 2016 में प्रारंभ किया था।
निर्माण कार्य में बाधा आने के कारण योजना समय पर पूरी नहीं हो सकी। हाल के दिनों में इसके लिए प्रयास तेज किए गए। सरकार एवं विभाग द्वारा विभिन्न बाधाओं का समाधान कर इसे ऊर्जान्वित किया गया है।
इन दो शहरों को भी फायदा
लोहरदगा ग्रिड के निर्माण के फलस्वरूप पूरे लोहरदगा के साथ-साथ गुमला एवं सिमडेगा को भी गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इससे क्षेत्र में कम वोल्टेज की समस्या का समाधान हुआ है।
पूर्व में लोहरदगा को रांची के हटिया ग्रिड सबस्टेशन से दो से लगभग 70 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की जाती थी। 220/132 केवी लोहरदगा ग्रिड के आरंभ होने के बाद हटिया ग्रिड सबस्टेशन-दो का ट्रांसफार्मर लोड लगभग 70 मेगावाट कम हो गया है। जिसका फायदा राजधानी रांची एवं आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा।
बता दें कि झारखंड में बिजली की मांग और आपूर्ति में अंतर को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण कदम है झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (जेडा) की स्थापना, जो राज्य में अक्षय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए काम करती है।
झारखंड की प्रमुख बिजली सप्लाई कंपनी
- दामोदर घाटी निगम (डीवीसी): डीवीसी झारखंड की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी है, जो दामोदर नदी पर स्थित कई जल विद्युत संयंत्रों से बिजली उत्पादन करती है।
- झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल): जेबीवीएनएल झारखंड में बिजली वितरण की जिम्मेदारी संभालती है। यह कंपनी राज्य में बिजली की आपूर्ति और वितरण के लिए जिम्मेदार है।
- नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी): एनटीपीसी झारखंड में कई ताप विद्युत संयंत्रों का संचालन करती है, जो राज्य में बिजली की आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।
- पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल): पीजीसीआईएल झारखंड में बिजली की आपूर्ति के लिए राज्य के बाहर से बिजली आयात करने की जिम्मेदारी संभालती है।
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