यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: कनहर बराज मामले में मुख्य सचिव सहित कई अधिकारी तलब, HC ने पूछा- अब तक क्यों पूरा नहीं हुआ निर्माण
Ranchi News कनहर बराज परियोजना अभी तक पूरी नहीं हुई है। इसका निर्माण जल्द पूरा किए जाने को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई ह ...और पढ़ें

HighLights
- परियोजना जल्द पूरा किए जाने की मांग वाली PIL पर हुई सुनवाई
- सरकार ने HC में कहा- छत्तीसगढ़ से जमीन का कुछ विवाद
- 'सरकार बार-बार शपथ पत्र दाखिल कर रही, निष्कर्ष नहीं निकल पाया'
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डा बीआर सारंगी व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में कनहर बराज परियोजना को जल्द पूरा किए जाने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।
इस दौरान अदालत ने निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए राज्य के मुख्य सचिव, जल संसाधन सचिव, वन सचिव और वित्त सचिव को तलब किया। सभी अधिकारी द्वितीय पाली में अदालत में हाजिर हुए। अदालत ने अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2020 में सरकार ने पांच साल में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की बात कही थी। इसके लिए समय भी दिया गया था। पांच साल तो बीत गया, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा है।
गढ़वा, पलामू के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश
अदालत ने मुख्य सचिव को प्रोजेक्ट पूरा करने की अवधि और बराज का निर्माण पूरा होने तक गढ़वा, पलामू के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अदालत ने मुख्य सचिव से इस संबंध में शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। मामले में अगले सप्ताह सुनवाई होगी।
सुनवाई के दौरान सरकार ने कनहर बराज पूरा करने के लिए आठ साल का समय मांगा। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई और आठ साल में प्रोजेक्ट पूरा करने के शपथपत्र को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने मौखिक कहा कि यह याचिका वर्ष 2009 में दायर की गई है।
वर्ष 2024 तक सुनवाई चल रही है, लेकिन राज्य सरकार कनहर बराज परियोजना को लेकर उदासीन बनी हुई है। झारखंड के पलामू और गढ़वा में सुखाड़ की स्थिति वर्षों से देखी जा रही है लेकिन वहां सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कोई सकारात्मक कदम राज्य सरकार ने अब तक नहीं उठाया है।
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'सरकार ने 5 साल में प्रोजेक्ट पूरा करने का दावा किया था'
सरकार बार-बार शपथ पत्र दाखिल कर रही है, लेकिन अभी तक परियोजना को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। सरकार ने पांच साल में प्रोजेक्ट पूरा करने का दावा किया था। यह इस बात का संकेत करता है कि सरकार कैसे काम कर रही है।
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार कनहर परियोजना को जल्द पूरा करना चाहती है। इसमें छत्तीसगढ़ के साथ कुछ जमीन विवाद भी है। सरकार सभी आपत्तियों को जल्द दूर कर इस परियोजना को पूरा कर लेगी।