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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    झारखंड में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के अधिकारी का होगा ट्रांसफर, सभी जिलों के SSP तक पहुंचा लेटर

    Updated: Sun, 15 Dec 2024 03:20 PM (IST)

    चाईबासा जिले में पुलिस अधिकारियों की भारी कमी है जिसमें सिपाही हवलदार जमादार दारोगा और पुलिस निरीक्षक शामिल हैं। इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस मुख् ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों से किया पत्राचार
    2. मांगी इच्छुक जवानों-पदाधिकारियों की सूची

    राज्य ब्यूरो, रांची। चाईबासा जिले में सिपाही, हवलदार, जमादार, दारोगा से लेकर पुलिस निरीक्षक स्तर तक के अधिकारियों की भारी कमी है। एसपी चाईबासा के पत्र के आलोक में पुलिस मुख्यालय ने इससे संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसएसपी-एसपी, इकाइयों के प्रमुख से पत्राचार किया है और इच्छुक सिपाही, हवलदार, जमादार, दारोगा व इंस्पेक्टर की सूची मांगी है।

    उक्त सूची तीन दिनों के भीतर डीआइजी कार्मिक को भेजने के लिए कहा गया है। वैसे जवान-पदाधिकारी जिन्हें स्थानीय भाषा का ज्ञान हो तथा वे चाईबासा जिला या आसपास के जिलों के निवासी हों, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

    आठ वर्ष या इससे अधिक समय से पदस्थापित भी होंगे स्थानांतरित

    • डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कोल्हान क्षेत्र चाईबासा के डीआइजी को पत्राचार कर जमशेदपुर व सरायकेला जिले में आठ वर्ष या इससे अधिक समय से पदस्थापित पदाधिकारियों को चाईबासा जिले में स्थानांतरित करने को कहा है। डीजीपी ने लिखा है कि चाईबासा जिले में बल की भारी कमी है।
    • वहीं, दूसरी तरफ उन्हें सूचना है कि अनेक ऐसे पुलिसकर्मी हैं जो लंबे समय से जमशेदपुर में पदस्थापित रहे हैं। अवधि पूरा होने पर अनेक पुलिसकर्मी का स्थानांतरण जमशेदपुर से सरायकेला हुआ है।
    • ऐसे पुलिसकर्मी जो वर्तमान में जमशेदपुर या सरायकेला जिले में पदस्थापित हैं एवं जिनका जमशेदपुर एवं सरायकेला जिले में कुल पदस्थापन अवधि आठ वर्ष से अधिक है, उसकी सूची तैयार करना है। इनमें ऐसे पुलिसकर्मी को नहीं रखना है जो पूर्व में चाईबासा में रहे हैं।
    • उक्त सूची में शामिल सिपाही से लेकर पुलिस निरीक्षक स्तर तक के पदाधिकारियों को चाईबासा जिले में उग्रवाद उन्मूलन अभियान में सहयोग के लिए प्रतिनियुक्त किया जाएगा। डीजीपी ने डीआइजी कोल्हान से चार दिनों के भीतर कृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

    सीजीएल परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच करेगी सीआइडी

    उधर, झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के माध्यम से संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच सीआइडी करेगी। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री का आदेश मिलने के बाद डीजीपी अनुराग गुप्ता ने सीआइडी को पूरे मामले की जांच का आदेश दे दिया है।

    2025 पदों के लिए विगत 21 व 22 सितंबर को परीक्षा हुई थी। इसमें 3.04 लाख अभ्यर्थियों ने राज्य के 823 केंद्रों पर परीक्षा दी थी। इसका परीक्षाफल भी प्रकाशित हो चुका है। सीजीएल परीक्षा के दौरान पेपर लीक सहित अन्य गड़बड़ियों को लेकर छात्र आंदोलनरत हैं। धरना-प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

    तमाम आरोपों को जेएसएससी ने खारिज कर दिया था। इसके बावजूद विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच सीआइडी से कराने का आदेश दिया था। सीएम के आदेश के आलोक में ही डीजीपी ने सीआइडी को जांच का आदेश दे दिया है।

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