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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand: CM हेमंत सोरेन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से की मुलाकात, क्या हैं इसके सियासी मायने

    By Jagran NewsEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Mon, 15 May 2023 09:35 PM (GMT+05:30)

    Jharkhand Political News झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की है। मुलाकात के दौरान सीएम हेमंत स ...और पढ़ें

    Jharkhand Political News: हेमंत सोरेन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से की मुलाकात।
    Jharkhand Political News: हेमंत सोरेन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से की मुलाकात।

    रांची, जागरण ऑनलाइन डेस्क। Jharkhand Political News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की है। मुलाकात के दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने कांग्रेस अध्यक्ष को कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली जीत पर बधाई दी।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर इस मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मुलाकात के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष खरगे से वर्तमान और भविष्य के राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा की गई। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने ट्वीट करते हुए लिखा कि इस मुलाकात में साथ मिलकर जनता के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने के लिए एक बार फिर से प्रतिबद्धता जताई।

    दोनों नेताओं ने इस मुलाकात को एक औपचारिक मुलाकात बताया है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषक इसके कई मायने निकाल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात 2024 के लोकसभा चुनावों के मध्यनजर की गई है। इस मुलाकात में आगामी लोकसभा चुनावों में बनने वाले समीकरणों पर भी चर्चा की गई होगी।

    यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ दिन पहले मिशन विपक्षी एकता में जुटे नीतीश कुमार ने रांची पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद हेमंत सोरेन ने नीतीश कुमार की अगुवाई में काम करने की इच्छा जताई थी।

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    बता दें कि झारखंड में हेमंत सोरेन कांग्रेस के साथ गठबंधन की सरकार चला रहे हैं और झारखंड में बीजेपी काफी एक्टिव है। मिशन 2024 को लेकर बीजेपी अभी से ही मैदान में उतर चुकी है। ऐसे में कांग्रेस और झामुमो को मिशन 2024 के लिए रणनीति तैयार करने की जरूरत है। यह मुलाकात इसी दिशा में एक कदम हो सकता है।