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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Politics: 'मंत्रिमंडल में नहीं होने के बावजूद भी मैं पावरफुल', नाराज मह‍िला विधायक ने दिया बयान

    Updated: Fri, 23 Feb 2024 11:40 PM (GMT+05:30)

    कांग्रेस कोटे के मंत्रियों में बदलाव नहीं होने से नाराज विधायकों में एक अंबा प्रासद ने कहा कि वह मंत्रिमंडल में नहीं रहकर भी पावरफुल हैं। हालांकि उन्ह ...और पढ़ें

    Jharkhand Politics: 'मंत्रिमंडल में नहीं होने के बावजूद भी मैं पावरफुल', नाराज मह‍िला विधायक ने दिया बयान
    Jharkhand Politics: 'मंत्रिमंडल में नहीं होने के बावजूद भी मैं पावरफुल', नाराज मह‍िला विधायक ने दिया बयान

    HighLights

    1. अगर मंत्री विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए गंभीर हो जाएं तो जनता का भला होगा: अंबा
    2. पेपर लीक के सवाल पर भी बोलीं अंबा

    राज्य ब्यूरो, रांची।  कांग्रेस कोटे के मंत्रियों में बदलाव नहीं होने से नाराज विधायकों में एक अंबा प्रासद ने कहा कि वह मंत्रिमंडल में नहीं रहकर भी पावरफुल हैं। हालांकि, उन्होंने एक बार फिर कहा कि यह सही है कि मंत्री के पास जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की संभावनाएं अधिक होती हैं।

    अगर वह विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए गंभीर हो जाएं तो जनता का भला होगा। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। इसी बात को लेकर कांग्रेस के विधायक नाराज थे। उन्होंने आलाकमान को इससे अवगत करा दिया गया है।

    पेपर लीक के सवाल पर उन्होंने कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में ऐसे-ऐसे अधिकारियों को बैठाया गया है, जिनका वे लोग विरोध कर चुके हैं।

    आलाकमान का आदेश मानेंगे: अकेला

    इधर, उमाशंकर अकेला ने कहा कि नाराज विधायक शीर्ष नेताओं से मिलकर अपनी बात पहुंचा दी है। अब आलाकमान का जो आदेश आया है उसे वे मानेंगे। उनके अनुसार, किसी को मंत्री बनाया या नहीं बनाना, आलाकमान का अधिकार है।

    पेपर लीक मामले में सदन में बहस कराए सरकार : सुदेश

    रांची। आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने पेपर लीक मामले में सदन में बहस कराने पर जोर दिया है। उन्होंने राज्य के युवाओं के भविष्य की रक्षा को राज्य का प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि जेएसएससी के अध्यक्ष नीरज सिन्हा ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया है, न कि नैतिक कारणों से।

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    सुदेश ने कहा कि यदि सरकार में थोड़ी भी ईमानदारी बची है तो जेएसएससी के मुद्दे पर सदन में बहस कराए। वहीं, भाजपा के विधायक अनंत ओझा ने कहा कि राज्य सरकार पेपर लीक के गुनहगारों पर कार्रवाई करने की बजाए निर्दोष विद्यार्थियों पर प्राथमिकी दर्ज करा रही है।

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