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    झारखंड में बिजली हुई महंगी: घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ, सरकार ने किसानों को दी राहत

    Updated: Wed, 25 Mar 2026 05:08 PM (IST)

    झारखंड में 1 अप्रैल से घरेलू बिजली दरों में 50 से 60 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटे ...और पढ़ें

    झारखंड में बिजली हुई महंगी: घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ (AI Generated Image)

    झारखंड में बिजली हुई महंगी: घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ (AI Generated Image)

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    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में घरेलू बिजली दरों में 50 से 60 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। नई दर 1 अप्रैल से लागू होगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड का नया बिजली टैरिफ जारी कर दिया है।

    आयोग ने कंपनी के प्रस्तावित 59 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि के मुकाबले औसतन 6.12 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि को मंजूरी दी है। हालांकि कृषि उपभोक्ताओं को राहत देते हुए इस श्रेणी में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है।

    आयोग ने सार्वजनिक सुनवाई के दौरान उपभोक्ताओं और हितधारकों की आपत्तियों व सुझावों पर विचार करने के बाद टैरिफ को अंतिम रूप दिया है।

    जेबीवीएनएल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 10,725.26 करोड़ रुपये के एआरआर का दावा किया था। आयोग ने विस्तृत जांच के बाद वर्ष 2024-25 के लिए 7,894.55 करोड़ रुपये के एआरआर को स्वीकृति दी है। वहीं, वर्ष 2025-26 के लिए 8,261.21 करोड़ रुपये और वर्ष 2026-27 के लिए 10,832.70 करोड़ रुपये के एआरआर को मंजूरी दी गई है।

    आयोग ने वितरण हानि (डिस्ट्रिब्यूशन लॉस) को नियंत्रित करने पर भी जोर दिया है। कंपनी ने वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के लिए क्रमशः 28.19 प्रतिशत, 27.23 प्रतिशत और 25.60 प्रतिशत वितरण हानि का प्रस्ताव दिया था। आयोग ने इन वर्षों के लिए 13 प्रतिशत वितरण हानि को मंजूरी दी है, जिससे कंपनी पर हानि कम करने का दबाव रहेगा।

    नए आदेश में उपभोक्ता सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। आयोग ने सभी लाइसेंसी को निर्देश दिया है कि प्रत्येक बिजली बिल पर सीजीआरएफ का विवरण देना अनिवार्य होगा। साथ ही उपभोक्ताओं और सीजीआरएफ सदस्यों के बीच मासिक संवाद आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया है।

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    उपभोक्ताओं को जारी किए जाने वाले बिल को सरल बनाने और शिकायत निवारण प्रक्रिया को मजबूत करने के निर्देश भी दिये गये हैं।

    इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी अलग टैरिफ तय किया गया है। सोलर आवर (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक) के लिए 7 रुपये प्रति यूनिट तथा नॉन-सोलर अवधि के लिए 8.70 रुपये प्रति यूनिट की दर तय की गई है। ग्रीन एनर्जी टैरिफ के लिए 0.95 रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त शुल्क को मंजूरी दी गई है।

    आयोग ने उपभोक्ताओं को समय पर बिल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने की भी व्यवस्था की है। यदि कोई उपभोक्ता बिल मिलने के पांच दिनों के भीतर भुगतान करता है, तो उसे कुल बिल पर दो प्रतिशत की छूट (रिबेट) मिलेगी। वहीं, प्रीपेड मीटर अपनाने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुल्क पर तीन प्रतिशत की छूट देने का भी प्रावधान किया गया है।

    रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गये हैं। आयोग ने ग्रॉस मीटरिंग के लिए 4.16 रुपये प्रति किलोवाट घंटा तथा नेट मीटरिंग के लिए 3.80 रुपये प्रति यूनिट की दर निर्धारित की है। इससे राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है।

    सबसे अहम राहत कृषि उपभोक्ताओं को मिली है। आयोग ने इस श्रेणी के लिए किसी प्रकार की टैरिफ वृद्धि नहीं की है। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। हालांकि घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को नयी दरों का असर झेलना पड़ेगा।

    घरेलू उपभोक्ता (Domestic)
    श्रेणी पहले दर (रु./यूनिट) अब दर (रु./यूनिट) बढ़ोतरी
    ग्रामीण घरेलू 6.70 7.20 +0.50
    शहरी घरेलू 6.85 7.40 +0.55
    घरेलू HT 6.40 7.20 +0.80
    व्यावसायिक (Commercial)
    श्रेणी पहले दर (रु./यूनिट) अब दर (रु./यूनिट) बढ़ोतरी
    ग्रामीण (5 KW से अधिक) 6.20 6.70 +0.50
    शहरी (5 KW से अधिक) 6.70 7.30 +0.60
    HT व्यावसायिक 7.30 8.00 +0.70
    औद्योगिक (Industrial)
    श्रेणी पहले दर (रु./यूनिट) अब दर (रु./यूनिट) बढ़ोतरी
    LT इंडस्ट्रियल 6.10 6.60 +0.50
    HT इंडस्ट्रियल 5.90 6.40 +0.50
    स्पेशल HT 5.25 5.80 +0.55