झारखंड नगर निकाय के बाद राज्यसभा चुनाव में होगी महागठबंधन की परीक्षा, दो सीटों पर लगा है दांव
झारखंड में नगर निकाय चुनाव के बाद अब राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव में महागठबंधन की एकता की परीक्षा होगी। मई-जून में होने वाले इन चुनावों मे ...और पढ़ें
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राज्यसभा चुनाव में भी महागठबंधन की परीक्षा। (फाइल फोटो)
HighLights
झारखंड में मई-जून में दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव।
महागठबंधन के घटक दलों की एकता की होगी परीक्षा।
झामुमो कांग्रेस के साथ सीट साझा करने पर विचार।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों के बीच प्रत्याशियों के समर्थन को लेकर कोई तालमेल नहीं दिखा। इसे लेकर प्रयास भी नहीं किया गया। अब राज्य में मई-जून माह में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव में सत्तारूढ़ दलों के बीच गठबंधन की परीक्षा होगी।
राज्य में मई-जून माह में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना है। इन दोनों सीटों में एक सीट दिशोम गुरू शिबू सोरेन के पिछले वर्ष चार अगस्त को निधन के बाद से ही रिक्त है, जबकि एक सीट दीपक प्रकाश के कार्यकाल खत्म होने के बाद रिक्त हो जाएगा।
इनका कार्यकाल इस वर्ष 21 जून को खत्म हो रहा है। हालांकि, इससे पहले ही चुनाव संपन्न हो जाएगा। राज्यसभा चुनाव में संख्या बलों की बात करें तो 81 सदस्यीय विधानसभा में झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के चार तथा सीपीआई माले के दो विधायक महागठबंधन के हिस्सा हैं।
ऐसे में राज्यसभा सदस्य के उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के वोट से जीत दिलाने के लिए जरूरी 27 से अधिक की संख्या बल इसके पास है। लेकिन इसमें गठबंधन के घटक दलों के बीच तालमेल भी जरूरी होगी।
सवाल उठता है कि झामुमो अकेले दोनों सीटों के लिए उम्मीदवार उतारेगा या एक सीट कांग्रेस से शेयर करेगा। राजद या सीपीआई माले के हिस्से कोई सीट आने की कोई संभावना नहीं है।
राज्य में एनडीए के विधायकों की बात करें तो इसके पास 24 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 21, आजसू, लोजपा (आर) तथा जदयू के एक-एक विधायक है। एक विधायक जेएलकेएम के हैं। ऐसे में एनडीए के पास एक भी सीट पर अपना उम्मीदवार भेजने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है।
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हालांकि, भाजपा की ओर से भी दोनों सीटों के लिए उम्मीदवार होंगे। बताते चलें कि झारखंड में राज्यसभा की छह सीटें हैं।