झारखंड में गहराया बालू संकट: एनजीटी रोक से पहले टेंडर अधूरे, अवैध खनन का खतरा
झारखंड में 10 जून से एनजीटी की बालू खनन पर रोक से पहले गंभीर संकट मंडरा रहा है। दर्जनों बालू घाटों के टेंडर पूरे नहीं हुए हैं, और 239 स्वीकृत घाटों का ...और पढ़ें

झारखंड में बालू का संकट कायम। (विजुअल: एआई जेनरेटेड)
HighLights
10 जून से एनजीटी की रोक, झारखंड में बालू संकट गहराया।
दर्जनों बालू घाटों के टेंडर अधूरे, संचालन भी नहीं शुरू।
अवैध खनन रोकने को 'खनन प्रहरी' ऐप का होगा उपयोग।
राज्य ब्यूरो, रांची। ठीक एक महीने के बाद 10 जून से 15 अक्टूबर तक झारखंड में बालू घाटों से खनन पर एनजीटी की रोक प्रभावी हो जाएगी। इसके पूर्व बालू घाटों से खनन शुरू नहीं हुआ तो राज्य अभूतपूर्व बालू संकट की ओर बढ़ जाएगा।
यही हाल रहा तो इस वर्ष भी लोगों को बालू के एवज में दो से तीन गुना भुगतान करना होगा। समस्या के समाधान का मार्ग निकालने के लिए सोमवार को एक बार फिर खान निदेशक ने सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समस्या की तह तक पहुंचने का निर्णय लिया है।
झारखंड में पिछले कई वर्षों से समय-समय पर बालू संकट उभरकर सामने आ जा रहा है। इसके पीछे के अहम कारणों में जिले में पदस्थापित पदाधिकारियों की अक्षमता सामने आती रही है। इसी वजह से अवैध खनन और परिवहन के मामले सामने आते रहे हैं।
इस पर लगाम लगाने के लिए खान विभाग ने साेमवार को टास्कफोर्स की बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी उपायुक्त, जिला खनन पदाधिकारी और बीडीओ मौजूद रहेंगे।
ज्ञात हो कि झारखंड के 444 बालू घाटों में से 239 घाटों की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक इन घाटों का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
खान विभाग का कहना है कि घाट चालू नहीं होने से कई क्षेत्रों में अवैध बालू उठाव और खुलेआम बिक्री का सिलसिला जारी है।
खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा ने लंबित लीज डीड मामलों की समीक्षा कर प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। बैठक में सभी आवंटित बालू घाटों की मौजूदा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
मददगार साबित होगा खनन प्रहरी एप
कोयला मंत्रालय ने अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खनन प्रहरी एप विकसित किया है जिसका प्रयोग करते हुए सभी खनन क्षेत्रों की निगरानी के लिए सैटेलाइट के माध्यम से गतिविधियों पर नजर रखने की तैयारी है।
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इसके अलावा कोयला मंत्रालय के खनन प्रहरी मोबाइल एप पर प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।
संवेदनशील मार्गों पर वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने, चेकपोस्ट स्थापित करने और रेलवे साइडिंग समेत प्रवेश-निकासी बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी योजना है।