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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड के स्कूलों की होगी ऑनलाइन निगरानी, सरकार एक क्लिक में देख सकेगी बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति

Updated: Sat, 19 Apr 2025 08:03 PM (IST)

Jharkhand School News झारखंड सरकार अब एक क्लिक पर बच्चों और शिक्षकों दोनों की ऑनलाइन उपस्थिति देख सकेगी। डेटा लेक और रियल टाइम इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड के ...और पढ़ें

खबर की प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
खबर की प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

HighLights

  1. सरकारी स्कूलों तथा वहां संचालित योजनाओं की होगी रीयल टाइम मॉनिटरिंग
  2. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तैयार करा रहा डेटा लेक तथा रीयल टाइम इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड
  3. विद्या समीक्षा केंद्र से जुड़ेगा डैशबोर्ड, शिक्षा योजनाओं की भी हो सकेगी सही निगरानी

नीरज अम्बष्ठ, रांची। राज्य सरकार एक क्लिक में न केवल बच्चों, बल्कि शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन देख सकेगी। किस स्कूल में कब और किसी खास दिन बच्चों और शिक्षकों की कितनी उपस्थिति रहेगी, इसकी भी जानकारी सहज मिलेगी।

किसी स्कूल का कोई शिक्षक कब से अनुपस्थित है, कितने और किस मोहल्ले का बच्चा लगातार स्कूल नहीं आ रहा है, इसकी भी जानकारी ऑनलाइन बस एक क्लिक में मिल सकेगी।

राज्य सरकार ने ये सभी जानकारियां सहज ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए डेटा लेक तथा रीयल टाइम इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड लागू करने का निर्णय लिया है। इसके डिजाइन, मेंटेनेंस तथा संचालन की जिम्मेदारी निजी आईटी एजेंसी को दी जाएगी, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा लागू किया जानेवाला इस आईटी सिस्टम को केंद्र के सहयोग से खोले गए 'विद्या समीक्षा केंद्र' तथा राज्य सरकार द्वारा तैयार ई-विद्यावाहिनी पोर्टल से जुड़ेगा। इसके माध्यम से स्कूलों में संचालित शिक्षा योजनाओं की भी निगरानी होगी।

किस स्कूल के कितने बच्चों को पाठ्य-पुस्तक, पोशाक, स्कूल किट या अन्य सुविधाएं प्राप्त हुई, कितने बच्चे वंचित रह गए, ये सभी जानकारियां विभाग तथा झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को सहज उपलब्ध हो सकेंगी।

इस डैशबोर्ड के माध्यम से बच्चों का साप्ताहिक, मासिक तथा त्रैमासिक ड्रापआउट का भी पता चलेगा, जिससे संबंधित बच्चे को स्कूल वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा सकेंगे। सभी डेटा कक्षावार, स्कूलवार, प्रखंडवार, जिलावार तथा राज्यवार उपलब्ध हो सकेगा।

इस तरह, इस परियोजना के माध्यम से उच्च स्तरीय डेटा एकीकरण और विजुअलाइजेशन के विकास को प्राथमिकता देने की योजना है।

इन गतिविधियों की भी हो सकेगी ऑनलाइन निगरानी

  • रेल असेसमेंट के तहत स्कूलों में होनेवाली मासिक परीक्षा तथा निपुण असेसमेंट।
  • जैक द्वारा आयोजित होनेवाली विभिन्न परीक्षाओं में छात्राओं की उपस्थिति, विषयवार परिणाम आदि।
  • स्कूल सर्टिफिकेशन।
  • टीचर स्टूडेंट रेशियो, विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, स्थायी और अस्थायी शिक्षकों की संख्या, उनकी योग्यता, अनुभव आदि।
  • स्कूलों में उपलब्धता आधारभूत संरचनाएं आदि।

क्या है डेटा लेक

डेटा लेक एक केंद्रीकृत डेटा स्टोर है, जो बड़ी मात्रा में डेटा को विभिन्न स्वरूपों में स्टोर करता है। इनमें संरचित, अर्द्ध-संरचित और असंरचित डेटा सम्मिलित हैं।

यह डेटा को उसके मूल प्रारूप में बिना किसी परिवर्तन के स्टोर करता है। यह डेटा को स्टोर करने और फिर जरूरत पड़ने पर क्वेरी करने के लिए एक लचीला और स्केलेबल समाधान प्रदान करता है।

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