माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा दोबारा कराने पर 18 को सुनवाई, हैकिंग के आरोप पर झारखंड HC में निर्णय
झारखंड हाई कोर्ट में माध्यमिक आचार्य पुनर्परीक्षा मामले पर सुनवाई हुई, जिसमें प्रार्थियों ने कथित हैकिंग के लिए अभ्यर्थियों को जिम्मेदार ठहराने और दोब ...और पढ़ें

प्रार्थियों का दावा- हैकिंग के बाद दोबारा परीक्षा करना उचित नहीं।
HighLights
माध्यमिक आचार्य पुनर्परीक्षा मामले में झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई।
प्रार्थियों ने हैकिंग के लिए अभ्यर्थियों को जिम्मेदार नहीं माना।
जेएसएससी और एजेंसी पर हैकिंग का आरोप, 18 अगस्त को सुनवाई।
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में माध्यमिक आचार्य पुनर्परीक्षा से संबंधित अर्पणा कुमारी एवं अन्य की याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। अदालत ने प्रार्थियों का पक्ष सुनने के बाद मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।
मामले में प्रार्थियों की ओर से जवाब दाखिल कर कहा गया है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित उक्त परीक्षा के दौरान हुई कथित हैकिंग की घटना से अभ्यर्थियों का कोई संबंध नहीं है।
इसके बाद आयोग ने किसी प्रारंभिक अथवा स्वतंत्र जांच के बिना ही पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लेते हुए इसकी सूचना जारी कर दी। प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान यदि हैकिंग की कोई घटना हुई है तो इसके लिए अभ्यर्थियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
यह परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी अथवा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की प्रणाली से जुड़ा मामला है। इसमें अभ्यर्थियों की कोई गलती नहीं है। ऐसे में उन्हें दोबारा परीक्षा में शामिल होने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है।
प्रार्थियों ने पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर भी सवाल उठाया है। उनकी ओर से बताया गया कि आयोग की ओर से जारी पुनर्परीक्षा संबंधी सूचना में 2,819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा लेने का उल्लेख किया गया है। वहीं, आयोग ने हाई कोर्ट में दाखिल अपने प्रति-शपथपत्र में 2,837 अभ्यर्थियों को पुनर्परीक्षा के लिए बुलाए जाने की बात कही है।