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    झारखंड में टीचरों को बड़ी राहत, बायोमेट्रिक न होने पर OTP से दर्ज होगी उपस्थिति

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 06:55 AM (GMT+05:30)

    सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के वे शिक्षक/कर्मी जिनकी उंगलियों के निशान काम नहीं करते, अब ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर ओटीपी आधारित जियो-फेंस्ड उपस्थि ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    HighLights

    1. उंगलियों के निशान काम न करने पर ओटीपी से लगेगी हाजिरी।

    2. ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर जियो-फेंस्ड उपस्थिति की नई सुविधा।

    3. मेडिकल रिपोर्ट और विभागीय अनुमोदन के बाद ही मिलेगी अनुमति।

    राज्य ब्यूरो, रांची। सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत वैसे शिक्षक या कर्मी जिनकी उंगलियों के निशान काम नहीं करने से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है, वे अब ओटीपी आधारित उपस्थिति बना सकेंगे।

    इसके लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर ओटीपी आधारित जियो-फेंस्ड उपस्थिति की सुविधा बहाल की है।

    विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने इसे लेकर गुरुवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों तथा जिला शिक्षा अधीक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेज दिया है।

    सचिव के अनुसार, कतिपय शिक्षकों द्वारा मेडिकल आधार पर उंगलियों के निशान का सही से काम नहीं करने का हवाला देते हुए बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं बनने से संबंधित आवेदन दिए गए हैं।

    इस श्रेणी के वैसे शिक्षक या कमी जिनकी उंगलियों का बायोमेट्रिक कार्य नहीं कर रहा है, उनके लिए ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर ओटीपी आधारित जियो फेंस्ड उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।

    इसके लिए उन्हें कुछ प्रक्रियाएं पूरी करनी होगी। सबसे पहले संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक अपनी उपस्थिति में सहायक कंप्यूटर प्रोग्रामर या जिला एमआईएस प्रभारी के माध्यम से संबंधित शिक्षक/कर्मी का फिर से बायोमेट्रिक पंजीयन कराते हुए बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कराएंगे।

    यदि इसके बाद भी भी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है, तो जिला चिकित्सा पदाधिकारी या अन्य किसी सरकारी चिकित्सक द्वारा उंगलियों का फिंगर इंप्रेशन कार्य नहीं करने से संबंधित हस्ताक्षरित मेडिकल रिपोर्ट के साथ संबंधित शिक्षक को फिर से बायोमेट्रिक पंजीयन/उपस्थिति की जांच एवं ओटीपी आधारित जियो फेंस्ड उपस्थिति दर्ज करने के लिए अपनी अनुशंसा के साथ विभाग को भेजा जाएगा।

    विभाग स्तर से फिर से बायोमेट्रिक पंजीयन की जांच कराते हुए बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया जाएगा। बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं होने के स्थिति में राज्य परियोजना निदेशक के अनुमोदन के बाद संबंधित शिक्षक या कर्मी को ओटीपी आधारित उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।

    इस माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया में संबंधित शिक्षक कर्मी के ई-विद्यावाहिनी में पंजीकृत मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा जिसके डालने पर संबंधित शिक्षक कर्मी का लोकेशन कैप्चर करते हुए उपस्थिति दर्ज होगी। इस प्रक्रिया में भी विद्यालय से बाहर रहने पर उपस्थिति मान्य नहीं होगी।

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    प्रतिनियुक्त शिक्षकों के लिए भी बायोमेट्रिक उपस्थित अनिवार्य

    सचिव ने कहा है कि कतिपय शिक्षक आवश्यक कारणों से जेसीईआरटी, डायट, बीआरसी या जिला शिक्षा कार्यालय में प्रतिनियुक्त हैं। इनके द्वाराई-विद्यावाहिनी में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं किया जा रहा है। ऐसे प्रतिनियोजित शिक्षकों के लिए भी ई-विद्यावाहिनी में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।

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