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    झारखंड के स्कूलों में विषयवार पाठ्य-योजना न बनाने पर शिक्षकों का अप्रैल-मई का वेतन वेतन रुकेगा

    Updated: Wed, 01 Apr 2026 10:39 AM (IST)

    सरकारी स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत के साथ शिक्षकों को विषयवार पाठ्य-योजना बनाना अनिवार्य है, अन्यथा अप्रैल-मई का वेतन रुकेगा। झारखंड शिक्षा परियोजना ...और पढ़ें

    सरकारी स्कूलों में दो माह आधारभूत आरंभिक कक्षाओं का होगा आयोजन। (फोटो: सांकेतिक)

    सरकारी स्कूलों में दो माह आधारभूत आरंभिक कक्षाओं का होगा आयोजन। (फोटो: सांकेतिक)

    HighLights

    1. शिक्षकों को विषयवार पाठ्य-योजना बनाना अनिवार्य, अन्यथा वेतन रुकेगा।

    2. झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक ने जारी किए सख्त निर्देश।

    3. दो माह आधारभूत आरंभिक कक्षाओं में होगा छात्रों का आकलन।

    राज्य ब्यूरो, रांची। सरकारी विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बुधवार से हो रही है। नए शैक्षणिक सत्र के लिए सभी शिक्षकों को विषयवार पाठ्य योजना तैयार करना है।

    पाठ्य योजना तैयार नहीं करनेवाले शिक्षकों या पारा शिक्षकों का मई माह का तक का वेतन, मानदेय रुका रहेगा। झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक शशि रंजन ने इसे लेकर सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला शिक्षा अधीक्षकों को निर्देश जारी किया है।

    उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र के पहले दो माह अप्रैल और मई में विद्यालयों में आधारभूत आरंभिक कक्षाओं के आयोजन के भी निर्देश दिए हैं। जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, सभी शिक्षक विषयवार पाठ्य-योजना बनाकर प्रधानाध्यापक या जिला शिक्षा पदाधिकारी से हस्ताक्षरित कराकर लागू करेंगे।

    आधारभूत आरंभिक कक्षाओं के संबंध में कहा गया है कि प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान के आधार पर सभी विषयों का शिक्षण अधिगम स्तर का आकलन कर बच्चों की ग्रेडिंग ए, बी, सी, डी के रूप में चार अप्रैल तक किया जाएगा।

    विद्यार्थियों के भाषा विषय जैसे, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत एवं उर्दू विषय के अक्षर ज्ञान, व्याकरण एवं पढ़ने-लिखने संबंधी पूर्व के ज्ञान का आकलन किया जाएगा।

    पूर्व कक्षा के न्यूनतम अधिगम स्तर के आधार पर विद्यार्थियों का प्रारंभिक आकलन (बेसलाइन असेसमेंट) कर छात्रों को समूह में वर्गीकृत करते हुए प्रतिदिन सभी विषयों की एक घंटी की कक्षा का नियमित संचालन किया जाए तथा हर विषय की कक्षा का निरंतर संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

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    इसके बाद सीबीएसई या जैक के अनुरूप समय सारिणी एवं पठन-पाठन के लिए कक्षावार समय सारिणी तैयार कर उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

    शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के प्रारंभिक दो माह तक नव नामांकित छात्र-छात्राओं के शिक्षण अधिगम स्तर में सुधार लाने के लिए बेसिक नालेज, ब्रिज कोर्स के लिए कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। राज्य परियोजना निदेशक ने बकायदा इसके लिए कक्षावार तथा विषयवार सिलेबस भी जारी किया है।

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