Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    JPSC परीक्षा मामले में HC सख्‍त, CBI से पूछा कब मिलेगी स्‍टेटस रिपोर्ट; एजेंसी ने मांगा दो हफ्ते का वक्‍त

    By Manoj SinghEdited By: Shashank Shekhar
    Updated: Thu, 05 Oct 2023 09:34 PM (GMT+05:30)

    जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच को लेकर हाईकोर्ट सख्त है। हाईकोर्ट ने सीबीआई से मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा ...और पढ़ें

    JPSC परीक्षा मामले में HC सख्‍त, CBI से पूछा कब मिलेगी स्‍टेटस रिपोर्ट
    JPSC परीक्षा मामले में HC सख्‍त, CBI से पूछा कब मिलेगी स्‍टेटस रिपोर्ट

    HighLights

    1. सरकार ने 2011 में एसीबी जांच का आदेश दिया था
    2. सरकार ने एसीबी की सिफारिश के बाद सभी की नियुक्ति रद्द कर दी

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ में जेपीएससी प्रथम और द्वितीय परीक्षा में गड़बड़ी की जांच को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई से पूछा कि किन-किन आरोपित के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मिली है। इस पर सीबीआई ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है।

    इससे पहले सीबीआई की ओर से बताया गया कि इस मामले की जांच चल रही है। सीबीआई की ओर से सीलबंद रिपोर्ट अदालत में पेश किया गया।

    पहले निगरानी ब्यूरो कर रही थी मामले की जांच 

    बता दें कि प्रथम और द्वितीय जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी की जांच पहले निगरानी ब्यूरो कर रही थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई।

    इसमें कई आरोपितों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मामले में ट्रायल शुरू नहीं हो सका। इसे लेकर हाईकोर्ट ने सीबीआई से पूछा था कि किस-किस के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मिली है और किस पर नहीं मिली है।

    इसी बेंच में प्रथम और द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा के मामले में एकलपीठ के आदेश के खिलाफ सरकार की अपील याचिका पर भी सुनवाई सूचीबद्ध थी। जेपीएससी के प्रथम और द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप के बाद सरकार ने 2011 में एसीबी जांच का आदेश दिया था।

    ACB की सिफारिश के बाद रद्द हुई थी नियुक्ति

    एसीबी ने जांच के बाद 15 सफल उम्मीदवारों के चयन में गड़बड़ी पाते हुए उनकी नियुक्ति रद्द करने की सिफारिश की थी। सरकार ने एसीबी की सिफारिश के बाद सभी की नियुक्ति रद्द कर दी।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: सीएम हेमंत सोरेन इन IAS-IPS अफसरों के साथ दिल्ली रवाना, कल केंद्रीय गृह मंत्री की बुलाई बैठक में होंगे शामिल

    नियुक्ति रद्द करने के आदेश के खिलाफ सफल उम्मीदवारों ने एकलपीठ में याचिका दायर की थी। एकलपीठ ने सरकार के नियुक्ति रद करने के आदेश को निरस्त कर दिया था। एकलपीठ के आदेश के खिलाफ सरकार ने खंडपीठ में अपील दाखिल की है।

    यह भी पढ़ें: 'AAP के संजय सिंह ही नहीं...', ED के कार्रवाई पर CM सोरेन का प्रहार, बोले- जांच एजेंसियों का हो रहा दुरुपयोग