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JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच CM हेमंत सोरेन के पास पहुंचा राहुल गांधी का सीलबंद लिफाफा, राजा ने बताया अंदर क्या?

Updated: Sun, 16 Aug 2026 11:11 PM (IST)

JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्र आंदोलन के बीच राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक सीलबंद संदेश भेजा है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी। (फाइल फोटो)

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. राहुल गांधी का सीएम सोरेन को सीलबंद संदेश।

  2. रांची में JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ छात्र आंदोलन।

  3. कांग्रेस पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप।

राज्य ब्यूरो, रांची। NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर काकरोच जनता पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन किया तो कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी आंदोलन में कूद पड़े। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरना दिया।

वहीं, झारखंड में JPSC-JSSC की परीक्षाओं में धांधली और नौकरियां बेचे जाने के विरोध में दिल्ली की तर्ज पर रांची में छात्रों ने आंदोलन शुरू किया तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उस तरह नोटिस नहीं लिया, जैसे दिल्ली के आंदोलन में लिया था।

राहुल गांधी पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप 

रांची में छात्र आंदोलन का खुूलकर समर्थन नहीं करने के कारण भाजपा और छात्र संगठन राहुल गांधी पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप लगा रहे हैं। एक तरह से हेमंत सरकार के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के मद्देनजर कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है। भाजपा को कांग्रेस को घेरने का हथियार हाथ लग गया है।

कुमार राजा ने सीएम को साैंपा पत्र 

इस बीच रांची महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का संदेश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंचा दिया है। अब देखना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए राहुल गांधी का क्या संदेश है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं?

सीलबंद लिफाफा में राहुल गांधी के इस पत्र के संबंध में मीडिया से बात करते हुए डा. कुमार राजा ने कहा कि गठबंधन की सरकार और कांग्रेस पार्टी लगातार समाधान के लिए प्रयासरत है तो भाजपा टकराव खोज रही है।

हमारी राजनीति वहां से शुरू होती है, जहां छात्रों और युवाओं के आंदोलन को समाप्त कर उनकी समस्याओं का समाधान और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जाता है। वहीं भाजपा की राजनीति वहां से शुरू होती है, जहां छात्र धरने पर बैठे रहें, टकराव हो और खून-खराबे की स्थिति पैदा हो।

छात्रों की 90 प्रतिशत मांगों पर हो चुका काम 

उन्होंने कहा कि छात्रों की लगभग 90 प्रतिशत मांगों पर समाधान की दिशा में काम हो चुका है। फिलहाल दो प्रमुख मुद्दों पर गतिरोध बना हुआ है। पहला सीजीएल का मामला है, जो सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। दूसरा सीबीआइ जांच की मांग है।

छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने और अपनी मांगों को उठाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि व्यवस्था के खिलाफ आपका आक्रोश जायज है और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन भी आपका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इस आंदोलन को किसी राजनीतिक दल के हाथों में जाने से बचाने की जरूरत है।