JPSC बना रहा गलतियों का रिकॉर्ड, सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के पेपर में भी शाब्दिक त्रुटियां
झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। 260 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित परीक्षा में शाब्दिक त्रुटिया ...और पढ़ें

जेपीएससी एग्जाम शांतिपूर्ण संपन्न, पेपर की गलतियां चर्चा में।
HighLights
JPSC प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
प्रश्नपत्र में 'स्थलाकृति' जैसे शब्दों में त्रुटियां मिलीं।
अभ्यर्थियों ने प्रश्नों को आसान और मानक बताया।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। यह परीक्षा विभिन्न जिलों में बनाए गए 260 केंद्राें पर दो पालियों में आयोजित हुई। प्रश्न पत्र की अशुद्धियां भी चर्चा में रही।
पहली पाली में सामान्य अध्ययन प्रथम पत्र तथा दूसरी पाली में सामान्य अध्ययन द्वितीय पत्र की परीक्षा हुई। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थी परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से संतुष्ट नजर आए।
कई अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा में आसान प्रश्न पूछे गए। राज्य स्तरीय सिविल सेवा परीक्षा के स्टैंडर्ड को भी बनाए रखा गया। पहली पाली से अधिक दूसरी पाली में आसान प्रश्न पूछे गए।
कुछ प्रश्नों में शाब्दिक अशुद्धियां भी रहीं। एक-दो प्रश्न ऐसे भी थे जिनका कोई विकल्प सही नहीं था। शाब्दिक अशुद्धियां की बात करें तो पहली पाली में सामान्य अध्ययन प्रथम पत्र की परीक्षा के प्रश्नपत्र में एक प्रश्न में स्थलाकृति को ''स्थालकृति'' लिखा गया।
एक प्रश्न में युग्म को ''जुग्म'' लिखा गया। दो प्रश्नों में द्वीप को ''द्विप'' लिखा गया। एक प्रश्न में कल्याणकारी राज्य की जगह ''कल्याणकार'' राज्य लिखा गया।
इसी तरह, दूसरी पाली के सामान्य अध्ययन द्वितीय पत्र में एक प्रश्न में पीएम सूर्य घर योजना की जगह पीएम ''सुर्या'' घर लिखा गया। हालांकि इन अशुद्धियों से प्रश्नों पर कोई खास असर नहीं पड़ा, क्योंकि अभ्यर्थियों को प्रश्न समझ में आ रहे थे।
इसके बाद भी अभ्यर्थियों का कहना था कि राज्य की सबसे बड़ी प्रतियोगिता परीक्षा में इस तरह की शाब्दिक अशुद्धियां नहीं होनी चाहिए।
बताते चलें कि यह परीक्षा कुल 103 पदों के लिए आयोजित की गई है। परीक्षा में शामिल होने के लिए लगभग 2.18 अभ्यर्थियों को प्रवेशपत्र जारी किए गए थे।
हालांकि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित भी रहे। परीक्षा देकर बाहर निकल रहे अभ्यर्थी में पेपर की गलतियां चर्चा का विषय था। इससे पहले जेपीएससी ने सहायक वन संरक्षक परीक्षा में भी कई गलतियां की थी।
दो से चार मई को मुख्य परीक्षा संभव नहीं
जेपीएससी अगले माह इस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी कर सकता है। प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होनेवाले अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होंगे।
आयोग ने परीक्षा कैलेंडर में दो से चार मई तक मुख्य परीक्षा की संभावित तिथि घोषित की है। हालांकि इन तिथियाें को मुख्य परीक्षा आयोजित होना संभव नहीं लग रहा है।
बताते चलें कि आयोग ने कैलेंडर में प्रारंभिक परीक्षा की संभावित तिथि आठ मार्च घोषित थी, लेकिन इस तिथि को परीक्षा नहीं हो सकी थी।
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