JPSC घोटाले में दो और गिरफ्तार, अब तक 10 शिकंजे में; झारखंड में पूर्व सीएम ने राहुल गांधी की चुप्पी पर उठाया सवाल
सीआईडी ने जेपीएससी मेधा घोटाले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक जेपीएससी कर्मचारी और एक एजेंसी का सहयोगी शामिल है। पूर्व मुख्यमंत्री ...और पढ़ें

अब तक 10 आरोपी सीआईडी के शिकंजे में हैं।
HighLights
सीआईडी ने जेपीएससी घोटाले में दो और आरोपी पकड़े।
गिरफ्तारियों की कुल संख्या अब दस तक पहुंच गई।
रघुवर दास ने कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए।
राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी मेधा घोटाला की जांच कर रही सीआईडी ने शनिवार को दो और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें जेपीएससी का कर्मचारी सोनू कुमार व परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर सह मुख्य अभियुक्त मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी का सहयोगी अरविंद कुमार शामिल है।
इन आरोपितों पर परीक्षार्थियों के ओएमआर शीट में हेराफेरी व डेटा टेंपरिंग का आरोप है। जेपीएससी के माध्यम से संचालित परीक्षाओं में कथित अनियमितता मामले की सीआईडी जांच कर रही है। जांच के क्रम में ही सीआइडी ने 22 जुलाई को पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जिन्हें जेल भेजा गया था, उनमें जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक रही श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी व दोनों तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद शामिल थे।
इसके बाद सीआईडी ने 24 जुलाई को परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के तीन कर्मियों को जेल भेजा था। इन कर्मियों में हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह व संजय कुमार शामिल थे। अब शनिवार को दो और गिरफ्तार किए गए हैं। सीआइडी की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक 10 आरोपी सीआईडी के शिकंजे में हैं।
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जेपीएससी में भ्रष्टाचार पर क्यों चुप हैं राहुल: रघुवर
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जेपीएससी में हुए भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता कर रघुवर दास ने कहा कि कांग्रेस नीट के मामले में घड़ियाली आंसू बहाकर जनता को गुमराह कर रही है। टुकड़े-टुकड़े गैंग के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस के नेता राहुल गांधी जेपीएससी में भ्रष्टाचार पर चुप हैं।
वे झारखंड में इन गड़बड़ियों के जिम्मेदारों से इस्तीफा क्यों नहीं मांग रहे हैं? रघुवर ने कहा कि झारखंड के युवाओं से राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। वे उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा की दौड़ में मारे गये 19 छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करें और उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाएं।
उन्होंने कहा कि जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश में ब्लैक लिस्टेड प्राइवेट एजेंसी टीडीपीएल को जेपीएससी द्वारा वन टाइम रजिस्ट्रेशन से लेकर अंतिम रिजल्ट प्रोसेसिंग तक के आठ कार्य की जिम्मेदारी दी गई।
इस एजेंसी को राज्य में 2025 में जेएसएससी द्वारा भी ब्लैक लिस्टेड किया गया था। इसके बावजूद इसे कैसे काम मिला, इसकी गहन जांच सीबीआइ से होनी चाहिए। झारखंड ने एक साथ नौ प्रतियोगिता परीक्षा को स्थगित करने का रिकार्ड बनाया है।
क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा में कई छात्रों को परीक्षा खत्म होने के बाद प्रवेश पत्र डाउनलोड करने का लिंक मिला। संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में 100 में से 40 से अधिक प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर से पूछे गये थे।