एक झटके में छीनी नौकरी: JSSC CGL रद होने पर अभ्यर्थियों का छलका दर्द; अब कानूनी लड़ाई की तैयारी
झारखंड सरकार ने JSSC CGL सहित सभी TDPL परीक्षाओं को रद्द कर दिया है, जिससे सैकड़ों नवनियुक्त अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट आ गया है। प्रभावित कर्मी इस ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर(AI Generated Image)
HighLights
JSSC CGL सहित सभी TDPL परीक्षाएं रद्द।
सैकड़ों नवनियुक्त कर्मियों का भविष्य अनिश्चित।
प्रभावित अभ्यर्थी अब हाईकोर्ट का रुख करेंगे।
मनोज सिंह, रांची। झारखंड सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल (CGL) परीक्षा सहित टीडीपीएल (TDPL) द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं को रद करने का बड़ा फैसला लिया है।
इसकी आधिकारिक घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की। सरकार के इस अचानक आए निर्णय से हाल ही में नियुक्त होकर कार्यरत हुए सैकड़ों अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
दफ्तरों में काम कर रहे कर्मियों पर टूटा दुखों का पहाड़
सोमवार को शाम तक कार्यालयों में सामान्य रूप से काम कर रहे अभ्यर्थियों के लिए रात करीब 9:30 बजे यह बुरी खबर आई। फैसला सुनते ही कई नवनियुक्त कर्मियों के आंखों से आंसू छलक पड़े।
अभ्यर्थियों ने अपनी विकट पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है।
कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने दूसरे राज्यों में अपनी बनी-बनाई नौकरियां छोड़कर झारखंड में जॉइनिंग दी थी, लेकिन सरकार के इस फैसले ने उनका करियर पूरी तरह अंधकारमय बना दिया है।
JPSC रद होने के बाद गहराया संकट
छात्र आंदोलन के बाद राज्य सरकार द्वारा 14वीं JPSC को रद्द करने के निर्णय के बाद से ही JSSC CGL परीक्षा को भी निरस्त करने का मुद्दा गरमाया हुआ था।
हालांकि, प्रभावित कर्मियों का कहना है कि उनकी नियुक्ति हाईकोर्ट के आदेश पर लगभग एक साल चली लंबी सुनवाई के बाद हुई थी। ऐसे में इस परीक्षा को निरस्त करना सरासर अन्याय है।
अंतिम विकल्प के रूप में लेंगे हाईकोर्ट का सहारा
सरकार के निर्णय के बाद अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले के खिलाफ अदालत की शरण लेंगे। कर्मियों का कहना है कि चूंकि उनकी बहाली हाईकोर्ट के निर्देश पर ही संभव हुई थी।
इसलिए अब न्याय पाने के लिए दोबारा हाईकोर्ट जाने के अलावा उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।
