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पिता-पुत्र, भाभी-देवर और भाई-बहन ने साथ दी परीक्षा, एक छत के नीचे पीढ़ियों का इम्तिहान; नए पैटर्न के जेटेट में कैसा होगा परिणाम

Published: Mon, 02 Nov 2026 09:08 AM (IST)Updated: Mon, 02 Nov 2026 12:21 PM (IST)

दस साल बाद हुई झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में विभिन्न आयु वर्ग के अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इस दौरान कई ...और पढ़ें

करीब 10 साल बाद हुई जेटेट में दो पीढ़ियों ने साथ दी परीक्षा। जागरण

करीब 10 साल बाद हुई जेटेट में दो पीढ़ियों ने साथ दी परीक्षा। जागरण

HighLights

  1. करीब 10 साल बाद हुई जेटेट में दो पीढ़ियों ने साथ दी परीक्षा।

  2. पिता-पुत्र, भाई-बहन और भाभी-देवर की जोड़ी भी पहुंची परीक्षा केंद्र।

जागरण संवाददाता, रांची। करीब दस साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में रविवार को एक दिलचस्प तस्वीर भी देखने को मिली। शिक्षक बनने का सपना केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिवार के कई सदस्य एक साथ परीक्षा देने पहुंचे। कहीं पिता और पुत्र ने साथ बैठकर परीक्षा दी, तो कहीं भाभी और देवर के साथ भाई-बहन भी अपनी योग्यता साबित करने पहुंचे। एक ही परिवार के अलग-अलग उम्र के सदस्यों ने परीक्षा में शामिल होकर पीढ़ियों के अंतर को भी कम कर दिया।

केंट्रल एकेडमी बरियातू, संत माइकल स्कूल ईटकी, महेंद्र प्रताप इंटर कॉलेज सर्कूलर रोड स्थित परीक्षा केंद्रों पर ऐसे कई रिश्ते देखने को मिले, जहां परिवार के सदस्य एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते नजर आए।

किसी के लिए यह पहला मौका था, तो किसी ने वर्षों के अनुभव के साथ परीक्षा दी। 55 और 56 वर्ष के अभ्यर्थियों की मौजूदगी ने भी यह दिखाया कि शिक्षक बनने की उम्मीद उम्र के साथ खत्म नहीं होती।

दरअसल, जेटेट का आयोजन करीब एक दशक बाद होने के कारण बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को मौका मिला, जो लंबे समय से परीक्षा का इंतजार कर रहे थे। उम्र की कोई सीमा नहीं होने से अलग-अलग आयु वर्ग के अभ्यर्थियों ने इसमें भाग लिया।

यही वजह रही कि परीक्षा केंद्रों पर युवा अभ्यर्थियों के साथ अधेड़ उम्र के परीक्षार्थी भी नजर आए। जेटेट ने इस बार केवल परीक्षा का माहौल ही नहीं बनाया, बल्कि परिवार के सदस्यों को एक साथ अपने सपने की ओर कदम बढ़ाने का अवसर भी दिया। 

कुरमाली के सवालों ने किया परेशान

अभ्यर्थी शिखा कुमारी का कहना है कि छठी से आठवीं तक की परीक्षा का पेपर सामान्य था। बहुत कठिन सवाल नहीं थे। हालांकि, कुरमाली का पेपर थोड़ा कठिन लगा। पर्व-त्योहार से जुड़े सवाल नहीं थे, जबकि व्याकरण आधारित प्रश्न अधिक थे। झारखंड से संबंधित दो-तीन सवाल भी पूछे गए, जिनमें राज्य से कौन सी रेखा गुजरती है, यह सवाल शामिल था।

कुरमाली का पेपर कठिन था, लेकिन बाकी विषयों के प्रश्न औसत रहे। किसी अन्य विषय में परेशानी नहीं हुई। झारखंड से जुड़े सवाल भी पूछे गए थे। परीक्षा केंद्र पर आने-जाने में भी कोई दिक्कत नहीं हुई। परीक्षा का आयोजन सामान्य तरीके से हुआ।

बीएड अभ्यर्थियों को मौका मिलना अच्छी पहल

रामगढ़ की कहती हैं मसूरिया खातून बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। यह अच्छी पहल है। इससे शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं को अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा। 

डीएलएड अभ्यर्थियों के लिए जेटेट काफी महत्वपूर्ण है। लंबे समय से इसकी तैयारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न होगी और सफल अभ्यर्थियों को शिक्षक नियुक्ति में अवसर मिलेगा।

पाठ्यक्रम के अनुरूप सवालों की उम्मीद

परीक्षा में कुल 150 अंकों के सवाल पूछे जा रहे हैं। बाल विकास, गणित, पर्यावरण अध्ययन और भाषा विषयों की तैयारी की है। उम्मीद है कि सवाल पाठ्यक्रम के अनुरूप होंगे और परिणाम बेहतर रहेगा। सुलेखा, पुरुलिया की सुलेखा कहती है, परीक्षा अच्छी रही। प्रश्न आसान और सहज थे। सभी सवालों के जवाब दिए हैं।

उम्मीद है कि इस बार सफलता मिलेगी और शिक्षक बनने का सपना पूरा होगा। एनईपी और अंग्रेजी के कुछ सवालों के जवाब एक समान थे, जिससे परीक्षा आसान लगी। कुल मिलाकर पेपर अच्छा रहा। परीक्षा में झारखंड की मुंडारी भाषा से संबंधित सवाल पूछे गए थे।

नए पैटर्न ने अभ्यर्थियों को उलझाया, 80,673 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित

रविवार को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 राज्य के सभी 24 जिलों में आयोजित हुई। परीक्षा दो पालियों में 986 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दोनों पालियों को मिलाकर कुल 5,65,916 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 4,85,243 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 80,673 अनुपस्थित रहे। इस तरह कुल उपस्थिति 85.74 प्रतिशत रही।

पहली पाली में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ) की परीक्षा हुई। जैक ने बताया कि इसके लिए 3,69,705 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें 3,13,098 परीक्षा में शामिल हुए और 56,607 अनुपस्थित रहे। इस पाली में उपस्थिति 84.69 प्रतिशत दर्ज की गई।

वहीं, दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच) की परीक्षा आयोजित हुई। इसके लिए 1,96,211 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें 1,72,145 परीक्षा में शामिल हुए और 24,066 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में उपस्थिति 87.73 प्रतिशत रही।

इस बार नए पैटर्न पर परीक्षा आयोजित होने के कारण अभ्यर्थियों के सामने सवालों का स्वरूप समझने की चुनौती रही। परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि कुछ प्रश्न घुमावदार थे, लेकिन सरल थे। सवालों के बदले हुए प्रारूप ने उन्हें उलझाया।

केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के बीच प्रश्नों के स्तर और उनके उत्तर को लेकर चर्चा होती रही। लंबे अंतराल के बाद परीक्षा आयोजित होने के कारण अभ्यर्थियों में उत्साह के साथ परिणाम को लेकर चिंता भी दिखी। लंबे समय से अभ्यर्थी इस परीक्षा का इंतजार कर रहे थे।

राज्य के 24 जिलों में 986 केंद्र बनाए गए थे। रांची में 101 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से निगरानी की व्यवस्था की गई थी। अब अभ्यर्थियों को परीक्षा परिणाम और आगे की प्रक्रिया का इंतजार है।

आंकड़ों में परीक्षा

  • कुल पंजीकृत अभ्यर्थी : 5,65,916
  • परीक्षा में शामिल : 4,85,243
  • अनुपस्थित : 80,673
  • कुल उपस्थिति : 85.74 प्रतिशत

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