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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Manipur Violence : मणिपुर में हिंसा को लेकर झारखंड में कल जिला मुख्यालयों से राजभवन तक विपक्षी गठबंधन का धरना

    By Jagran NewsEdited By: Paras Pandey
    Updated: Mon, 31 Jul 2023 04:08 AM (GMT+05:30)

    झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर रविवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में नवगठित आइएनडीआइए के सभी घटक दलों की बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजे ...और पढ़ें

    जिला मुख्यालयों से राजभवन तक विपक्षी गठबंधन का धरना
    जिला मुख्यालयों से राजभवन तक विपक्षी गठबंधन का धरना

    HighLights

    1. जिला मुख्यालयों में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया जाएगा।
    2. रांची में राजभवन का घेराव किया जाएगा।
    3. विपक्षी दलों की ओर से केंद्र सरकार के खिलाफ ज्ञापन भेजा जाएगा।

    रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर रविवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में नवगठित आइएनडीआइए के सभी घटक दलों की बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मणिपुर की शर्मनाक घटना के खिलाफ मंगलवार एक अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया जाएगा तथा रांची में राजभवन का घेराव किया जाएगा।

    सभी उपायुक्तों एवं राजभवन के माध्यम से विपक्षी दलों की ओर से केंद्र सरकार के खिलाफ ज्ञापन भेजा जाएगा। बैठक में कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद खीरू महतो, झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय समेत अन्य दलों के कई और नेता मौजूद थे। राजभवन घेराव कार्यक्रम में सभी दलों के प्रतिनिधि जुटेंगे और यहां से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए राजेश ठाकुर ने कहा कि पूरा मणिपुर तीन मई 2023 से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है।

    बावजूद इसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार मूकदर्शक बनी रही तथा अब तक मणिपुर में चल रही जातीय हिंसा को रोकने में पूर्णत विफल रही है। मणिपुर में भीड़ द्वारा महिलाओं को नंगा कर उनके शरीर के साथ दुर्व्यवहार करने का शर्मनाक वीडियो वायरल होने के बाद हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया, तो संसद भवन में उनके माइक को बंद कर दिया गया। केंद्र सरकार लोकतंत्र का मखौल उड़ा रही है। उन्होंने कहा कि आइएनडीआइए के घटक दल चाहते हैं कि सदन में नियम 267 के तहत चर्चा हो। विपक्षी दलों को विशेष चर्चा से कम मंजूर नहीं है। उन्होंने मांग की कि मणिपुर की वर्तमान निकम्मी सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाए।