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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Hemant Soren और कांग्रेस के बीच बिगड़ेगी बात! JMM ने इतनी सीटों पर ठोका दावा; यहां पढ़ें किसका है दबदबा

    By Pradeep singh Edited By: Shashank Shekhar
    Updated: Mon, 12 Feb 2024 05:36 PM (GMT+05:30)

    Lok Sabha Poll लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने 14 में आठ सीटों के लिए आइएनडीआइए में दबाव बनाया है। झामुमो के ...और पढ़ें

    Hemant Soren और कांग्रेस के बीच बिगड़ेगी बात! JMM ने इतनी सीटों पर ठोका दावा; (फाइल फोटो)
    Hemant Soren और कांग्रेस के बीच बिगड़ेगी बात! JMM ने इतनी सीटों पर ठोका दावा; (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 14 में से एक सीट राजमहल झामुमो के कब्जे में है।
    2. 2019 लोकसभा चुनाव में विजय हांसदा ने इस सीट पर जीत हासिल की थी।

    राज्य ब्यूरो, रांची। लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने 14 में आठ सीटों के लिए आइएनडीआइए में दबाव बनाया है। झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की अनुपस्थिति में दल के रणनीतिकार इसे अंतिम रूप देने में लगे हैं।

    जानकारी के मुताबिक, राज्य की 14 में से सात सीटों पर झामुमो ने पुख्ता दावेदारी की है। ये सीट झामुमो के जनाधार वाले आदिवासी और महतो बहुल इलाके हैं। सिंहभूम, लोहरदगा, खूंटी, दुमका और राजमहल लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित है। इसके अलावा कोडरमा और जमशेदपुर लोकसभा सीट भी पार्टी की सूची में है। फिलहाल 14 में से एक सीट राजमहल झामुमो के कब्जे में है।

    2019 के लोकसभा चुनाव में झामुमो के विजय हांसदा ने इस सीट पर जीत हासिल की थी, जबकि दुमका सीट से झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन को पराजय का सामना करना पड़ा था। हालांकि, झामुमो की दावेदारी पर आइएनडीआइए के फोरम पर अंतिम मुहर लगेगी। बताया जा रहा है कि सीट बंटवारे को लेकर झामुमो ज्यादा झुकने को तैयार नहीं है।

    चाईबासा सीट को लेकर जिच पैदा होना स्वाभाविक है। यह सीट फिलहाल कांग्रेस की गीता कोड़ा के कब्जे में है। गीता कोड़ा झारखंड प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष हैं। वह इसपर अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं हैं। विपरीत परिस्थिति में वह कड़े कदम भी उठा सकती हैं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद गीता कोड़ा अभी कांग्रेस के साथ हैं।

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    लोहरदगा सीट को लेकर भी कांग्रेस पार्टी आसानी से मानने को तैयार नहीं होगी। झामुमो की तरफ से अपनी पसंदीदा सीटों से कांग्रेस नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही इसे लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

    कमी खलेगी हेमंत सोरेन की

    झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की कमी आइएनडीआइए को खलेगी। हेमंत सोरेन स्वयं चुनाव प्रचार अभियान की कमान संभालते रहे थे। उनकी मौजूदगी समर्थकों में उत्साह का संचार करती थी। ईडी ने उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया है।

    उधर, झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन भी स्वास्थ्य कारणों से ज्यादा सक्रियता नहीं दिखा पाएंगे। ऐसे में मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पर अधिक दारोमदार होगा। सरकार चलाने के साथ-साथ उन्हें सांगठनिक गतिविधियों का भी नेतृत्व करना होगा।

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